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हाईकोर्ट ने 2901 विचाराधीन कैदियों की अंतरिम जमानत 45 दिन बढ़ाई
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर दिल्ली की सभी जेलों में कैदियों की भीड़ कम रखने के लिए मंगलवार को 2,901 विचाराधीन कैदियों की अंतरिम जमानत की अवधि 45 दिन के लिए बढ़ा दी। पहले भी अदालत लॉकडाउन लागू होने के बाद कई बार कैदियों की अंतरिम जमानत अवधि बढ़ा चुकी है। पीठ ने इस संबंध में अगली सुनवाई 18 सितंबर के लिए तय की है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ ने उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अवलोकन के मद्देनजर यह फैसला किया है। समिति ने अवलोकन किया है कि इस वक्त अदालतों में सामान्य कामकाज कब शुरू होगा इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता। इस बारे में भी निश्चितता नहीं है कि महामारी का खतरा कब कम होगा और सामाजिक दूरी में कमी लाई जा सकेगी।
पीठ ने कहा कि इन विचाराधीन कैदियों की अंतरिम जमानत समाप्त होने की तारीख से पहले से निर्धारित नियम एवं शर्तों के आधार पर 45 दिन के लिए बढ़ाई जाती है। पीठ ने तिहाड़ जेल के महानिदेशक को निर्देश दिया कि सभी 2,901 विचाराधीन कैदियों को टेलीफोन एवं अन्य उपलब्ध माध्यम से अदालत के इस आदेश से अवगत कराया जाए।
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न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ ने उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अवलोकन के मद्देनजर यह फैसला किया है। समिति ने अवलोकन किया है कि इस वक्त अदालतों में सामान्य कामकाज कब शुरू होगा इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता। इस बारे में भी निश्चितता नहीं है कि महामारी का खतरा कब कम होगा और सामाजिक दूरी में कमी लाई जा सकेगी।
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पीठ ने कहा कि इन विचाराधीन कैदियों की अंतरिम जमानत समाप्त होने की तारीख से पहले से निर्धारित नियम एवं शर्तों के आधार पर 45 दिन के लिए बढ़ाई जाती है। पीठ ने तिहाड़ जेल के महानिदेशक को निर्देश दिया कि सभी 2,901 विचाराधीन कैदियों को टेलीफोन एवं अन्य उपलब्ध माध्यम से अदालत के इस आदेश से अवगत कराया जाए।
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