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12 वर्षीय दृष्टिबाधित बच्ची की मौत पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से मांगा जवाब

Wed, 08 Jul 2020 12:15 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2020 12:15 AM IST
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High court delhi government response on the death of 12 years old girl due to hunger
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने आधार कार्ड न होने के कारण लॉकडाउन में 12 वर्षीय दृष्टिबाधित बच्ची को खाद्यान्न, दवाइयां और वित्तीय मदद नहीं मिलने से उसकी मौत पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया गया कि दृष्टिबाधित होने के कारण लड़की का आधार कार्ड नहीं बन सका था।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए याचिका का संज्ञान लिया और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर 14 जुलाई तक जवाब मांगा। यह जनहित याचिका सौरभ सिंह ने वकील कबीर घोष के जरिये दायर की है। याचिका में कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान दिव्यांग खाद्य केंद्रों पर नहीं पहुंच पाए और न ही उन्हें राशन या वित्तीय सहायता मिल पाई।
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याची के वकील ने कहा कि 30 जून को इस याचिका पर तत्काल सुनवाई से हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया था। इसके अगले ही दिन पीड़िता ने शाहदरा स्थित स्वामी दयानंद अस्पताल में दम तोड़ दिया था। याचिका में कहा गया कि 12 वर्षीय बच्ची दृष्टिबाधित थी और आधार कार्ड बनवाने के लिए रेटिना स्कैन जरूरी होने की वजह से उसका आधार कार्ड नहीं बन सका था।
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आधार कार्ड न होने की वजह से लॉकडाउन के दौरान लड़की को सरकार की ओर दी जा रहा खाद्यान्न, दवाइयां और वित्तीय मदद का लाभ नहीं मिली। राजधानी में कई ऐसे दिव्यांग हैं जिन्हें राशन कार्ड या दिव्यांगता प्रमाणपत्र न होने से सहायता नहीं मिली। जिनके पास दिव्यांगता प्रमाणपत्र हैं, उन्हें भी पेंशन से वंचित रखा गया।
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