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दिल्ली: 75 फीसदी आरक्षण पर रोक के खिलाफ याचिका पर 11 को होगी सुनवाई, हरियाणा सरकार ने दायर की एसएलपी
Tue, 08 Feb 2022 12:02 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 08 Feb 2022 12:02 AM IST
सार
75 फीसदी आरक्षण पर रोक के खिलाफ हरियाणा सरकार की याचिका पर 11 फरवरी को सुनवाई होगी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका दायर की गई है।
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फाइल फोटो
- फोटो : iStock
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विस्तार
हरियाणा में निजी क्षेत्र में स्थानीय लोगों को 75 फीसदी आरक्षण देने वाले कानून पर रोक लगाने के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई अब 11 फरवरी को होगी। एसएलपी हरियाणा सरकार ने दायर की है।
यह याचिका सोमवार को जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध थी लेकिन समय अभाव के कारण इस पर सुनवाई नहीं हो सकी। पक्षकारों की सहमति के बाद पीठ ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख 11 फरवरी तय की। हरियाणा सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सुनवाई जल्द चाहते थे, जिस पर पीठ ने कहा दो-तीन दिन से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
तीन फरवरी को हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों के रोजगार अधिनियम 2020 को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट ने यह आदेश फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एफआईए) द्वारा दायर रिट याचिका पर दिया था। कोर्ट ने उस याचिका को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को नोटिस भी जारी किया था।
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हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों के रोजगार अधिनियम, 2020 को छह नवंबर, 2021 को अधिसूचित किया गया था। इसके तहत निजी क्षेत्र की नौकरियों में उन स्थानीय उम्मीदवारों के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण प्रदान की बात है जो प्रति माह 30,000 रुपये से कम वेतन प्रदान करते हैं।
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यह याचिका सोमवार को जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध थी लेकिन समय अभाव के कारण इस पर सुनवाई नहीं हो सकी। पक्षकारों की सहमति के बाद पीठ ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख 11 फरवरी तय की। हरियाणा सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सुनवाई जल्द चाहते थे, जिस पर पीठ ने कहा दो-तीन दिन से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
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तीन फरवरी को हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों के रोजगार अधिनियम 2020 को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट ने यह आदेश फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एफआईए) द्वारा दायर रिट याचिका पर दिया था। कोर्ट ने उस याचिका को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को नोटिस भी जारी किया था।
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हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों के रोजगार अधिनियम, 2020 को छह नवंबर, 2021 को अधिसूचित किया गया था। इसके तहत निजी क्षेत्र की नौकरियों में उन स्थानीय उम्मीदवारों के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण प्रदान की बात है जो प्रति माह 30,000 रुपये से कम वेतन प्रदान करते हैं।
यह अधिनियम 15 जनवरी, 2022 से प्रभावी होने वाला था। यह कानून सभी कंपनियों, समितियों, ट्रस्टों, एलएलपी फर्म, साझेदारी फर्मों और दस या अधिक व्यक्तियों को रोजगार देने वाले किसी भी नियोक्ता पर लागू होता है लेकिन इसमें केंद्र सरकार या राज्य सरकार या उनके स्वामित्व वाला कोई भी संगठन शामिल नहीं है।