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दिल्ली : पत्नी बेटे की हत्या कर कारोबारी हुआ फरार,खुद भी आत्महत्या की बात कर निकला था
Sun, 17 Apr 2022 05:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 17 Apr 2022 05:49 AM IST
सार
आर्थिक तंगी के कारण पत्नी और बेटी की हत्या। पुलिस ने आरोपी को दबोचा। लॉकडाउन में नौकरी छूटने के बाद पिता के साथ चला रहा था दुकान।
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कंचन...
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शाहदरा जिले की गीता कालोनी इलाके में शनिवार दोपहर एक परचून कारोबारी ने अपनी पत्नी व बेटे की गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी खुद भी आत्महत्या करने की बात कर घर से फरार हो गया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। मकान की दूसरी मंजिल पर पत्नी और बेटे के शव पड़े थे।
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घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। देर शाम पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसने खुलासा किया कि उसने गला घोंटकर पत्नी और बेटे को मौत के घाट उतारा है। दरअसल, लॉकडाउन में उसकी नौकरी चले जाने के बाद वह पिता के साथ परचून की दुकान पर बैठ रहा था। पैसों को लेकर अक्सर पत्नी से झगड़ा होता था।
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पुलिस के मुताबिक सचिन परिवार के साथ 12 ब्लॉक गीता कालोनी में रहता था। परिवार में पत्नी कंचन (38) के अलावा 15 साल का बेटा ध्रुव, बुजुर्ग पिता ओम प्रकाश और मां लक्ष्मी देवी हैं। माता-पिता ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं जबकि सचिन अपने परिवार के साथ दूसरी मंजिल पर रहता था। सचिन पेशे से सीए था। लॉक डाउन से पूर्व वह दरियागंज की एक फर्म में नौकरी करता था लेकिन बाद में उसकी नौकरी चली गई थी।
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पिता घर से चंद कदमों की दूरी पर परचून की दुकान चलाते हैं। पिता के कहने पर सचिन भी दुकान पर ही बैठ रहा था। इसकी वजह उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। पत्नी पैसों को लेकर झगड़ा करती थी। शनिवार दोपहर करीब 2 बजे सचिन खाना खाने घर आया था। इसके बाद लक्ष्मी ने बेटे को कॉल कर चाय पीने के लिए कहा। सचिन नीचे आया और उसने माता-पिता से कहा कि उसने कंचन और ध्रुव का काम तमाम कर दिया है।
सचिन के पिता तुरंत ऊपर पहुंचे तो देखा कि उनकी बहू कंचन बिस्तर पर बेसुध पड़ी थी। जमीन पर पोता ध्रुव भी पड़ा था। ओम प्रकाश ने शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया। दोपहर करीब 3.40 बजे पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने सचिन की तलाश कई टीमों को लगाया और देर शाम उसे इलाके से दबोच लिया। आरोपी ने दोनों की हत्या की बात कबूल की।
अब मैं भी मरने जा रहा हूं...
शनिवार दोपहर सचिन दुकान से घर खाना खाने दो बजे पहुंच गया। खाने के बाद वह माता-पिता से आराम करने की बात कर ऊपर चला गया। काफी देर बाद भी जब वह वापस नहीं आया तो मां ने सचिन को कॉल किया। उसने नीचे आने की बात की। नीचे आकर उसने माता-पिता के पैर छुए और कहा कि उसने कंचन का कल्याण कर दिया है। यह मेरा आखिरी राम-राम है और वह भी अब मरने जा रहा है। यह कहकर आरोपी घर से निकल गया।