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सरकार ने किसानों को जानकर भेजा दिल्ली : राकेश टिकैत
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नई दिल्ली। ट्रैक्टर रैली के दौरान हुए बवाल को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के प्रवक्ता राकेश टिकैत बुधवार को किसानों का बचाव करते हुए नजर आए। उनका कहना था कि किसान पत्थरबाजी और तोड़फोड़ नहीं कर सकता। यह सब आंदोलन को खत्म करने के लिए सरकार की साजिश का नतीजा है। उनका आंदोलन ऐसी घटनाओं से कमजोर या खत्म होने वाला नहीं है।
उन्होंने कहा कि सबको पता है, लाल किले की प्राचीर पर झंडा किसने फहराया। धर्म विशेष का झंडा लाल किले पर लगाना पूरे पंजाब को बदनाम करने की साजिश है। जिसने लाल किले पर झंडा लगाया, वह भाजपा नेताओं का ही करीबी है। राकेश टिकैत ने दावा किया कि जब उन्हें पता चला कि उनके साथी दिल्ली की ओर चले गए हैं तो वे उनको वजीराबाद के रास्ते वापस गाजीपुर धरनास्थल लेकर आए।
राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि तय रूट पर पुलिस ने जान-बूझकर बैरिकेडिंग की हुई थी। रूट को लेकर पुलिस के साथ बैठक में उन्होंने ट्रैक्टर मार्च के लिए एनएच-24 मांगा था। किसान नेताओं का कहना था एनएच-24 मिलने के बाद किसान अक्षरधाम फ्लाईओवर के नीचे खुद अपने इंतजाम करके कार्यकर्ताओं को यहीं से यू-टर्न लेकर भेजते। पुलिस ने एनएच-24 न देकर इसकी सर्विस लेन से आनंद विहार जाने की बात कही। इस पर भी किसान राजी थे।
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उनका आरोप है कि पुलिस ने मार्च थोड़ा आगे बढ़ते ही रूट को बंद कर दिया। किसान बजाय एनएच-24 की सर्विस लेन के एनएच-9 पर दिल्ली की ओर कूच कर गए। राकेश टिकैत का दावा है कि किसान भूलवश दिल्ली की ओर गए। जिन लोगों ने हंगामा किया, वह साजिश का हिस्सा थे। टिकैत ने कहा कि जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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उन्होंने कहा कि सबको पता है, लाल किले की प्राचीर पर झंडा किसने फहराया। धर्म विशेष का झंडा लाल किले पर लगाना पूरे पंजाब को बदनाम करने की साजिश है। जिसने लाल किले पर झंडा लगाया, वह भाजपा नेताओं का ही करीबी है। राकेश टिकैत ने दावा किया कि जब उन्हें पता चला कि उनके साथी दिल्ली की ओर चले गए हैं तो वे उनको वजीराबाद के रास्ते वापस गाजीपुर धरनास्थल लेकर आए।
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राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि तय रूट पर पुलिस ने जान-बूझकर बैरिकेडिंग की हुई थी। रूट को लेकर पुलिस के साथ बैठक में उन्होंने ट्रैक्टर मार्च के लिए एनएच-24 मांगा था। किसान नेताओं का कहना था एनएच-24 मिलने के बाद किसान अक्षरधाम फ्लाईओवर के नीचे खुद अपने इंतजाम करके कार्यकर्ताओं को यहीं से यू-टर्न लेकर भेजते। पुलिस ने एनएच-24 न देकर इसकी सर्विस लेन से आनंद विहार जाने की बात कही। इस पर भी किसान राजी थे।
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उनका आरोप है कि पुलिस ने मार्च थोड़ा आगे बढ़ते ही रूट को बंद कर दिया। किसान बजाय एनएच-24 की सर्विस लेन के एनएच-9 पर दिल्ली की ओर कूच कर गए। राकेश टिकैत का दावा है कि किसान भूलवश दिल्ली की ओर गए। जिन लोगों ने हंगामा किया, वह साजिश का हिस्सा थे। टिकैत ने कहा कि जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।