ऑक्सीजन संकट: हाईकोर्ट की फटकार- यह समय गिद्ध बनने का नहीं, तुरंत करें आपूर्ति
दिल्ली में ऑक्सीजन की कालाबाजारी को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। हाईकोर्ट ने कहा कि लोगों को मजबूर होकर वो ऑक्सीजन सिलिंडर ब्लैक में लाखों रुपये देकर खरीदना पड़ रहा है, जिसकी कीमत कुछ सौ रुपये हैं।
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विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट में ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर मंगलवार को भी सुनवाई हुई। ऑक्सीजन की कालाबाजारी को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। हाईकोर्ट ने कहा कि लोगों को मजबूर होकर वो ऑक्सीजन सिलिंडर ब्लैक में लाखों रुपये देकर खरीदना पड़ रहा है, जिसकी कीमत कुछ सौ रुपये हैं। साथ ही कोर्ट ने कालाबाजारी करने वालों को हिरासत में लेने को कहा है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि आपके पास कार्रवाई करने की शक्तियां हैं।
Advocate Alok Agarwal, appearing for Maharaja Agrasen Hospital, tells Delhi High Court about a Delhi Govt's order that hospitals have to attend to all emergency patients within 10-15 minutes and give them oxygen and medicines. HC asks Delhi Govt to take instruction on this. pic.twitter.com/ltFFR2gJBt
— ANI (@ANI) April 27, 2021विज्ञापन
इस तरह के आदेश न्यायपालिका के बारे में गलत छवि बनाते हैं
अशोका होटल में दिल्ली उच्च न्यायालय के जजों, अन्य न्यायिक अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए 100 कमरों का कोविड केयर सेंटर बनाने के दिल्ली सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह के आदेश न्यायपालिका के बारे में गलत छवि बनाते हैं।
Hotel Ashoka beds: HC says such orders give incorrect projection about judiciary
— Press Trust of India (@PTI_News) April 27, 2021
ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं से कहा कोर्ट- हमारा आत्मविश्वसास हिल गया, आप अपना काम ठीक से करें
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार से कहा कि कल सुबह 10 बजे ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं के साथ लिक्विड और गैसीय ऑक्सीजन के स्टॉक की स्थिति को मेंशन करते हुए एफिडेविट फाइल करें। दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं से कहा कि हमारा आत्मविश्वसास हिल गया है, आप अपना काम ठीक से करें
हाईकोर्ट ने जारी किया अवमानना नोटिस
दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन ऑक्सीजन सिलिंडर आपूर्तिकर्ताओं को अवमानना नोटिस जारी किया जो आज सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं थे। कोर्ट का कहना है कि हमें आश्चर्य है कि दिल्ली सरकार द्वारा पारित आदेश को आपूर्तिकर्ताओं ने ध्यान में नहीं रखा।
ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए अधिकारियों से करेंगे बात
दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राहुल मेहरा ने अदालत से कहा कि वह अधिकारियों के साथ बात करेंगे और वेंकटेश्वर अस्पताल को ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।
कारण बताओ नोटिस जारी
दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि शाम तक इस मामले में कार्रवाई होगी। हमने कारण बताओ नोटिस भी जारी किए हैं। दिल्ली के मुख्य सचिव विजय देव ने अदालत को सूचित किया कि उन्होंने सभी आपूर्तिकर्ताओं से अनुरोध किया है कि वे दिल्ली में अपने केंद्र पर पहुंचने वाले ऑक्सीजन टैंकरों का विवरण दें। तीन दिनों के लिए कोटा आवंटित किया जाएगा।
लेखा अधिकारियों की नियुक्ति का सुझाव
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को रेमेडीसविर और अन्य दवाओं की आपूर्ति पर सभी अस्पतालों और फार्मेसियों से जानकारी प्राप्त करने का सुझाव दिया है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार को लेखा अधिकारियों की नियुक्ति का सुझाव दिया है। अदालत का आदेश तब आया जब दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट द्वारा बताया गया कि वे ऑक्सीजन की कमी का सामना कर रहे हैं और संबंधित नोडल अधिकारी असहाय हैं।
वेंकटेश्वरा अस्पताल में नहीं है ऑक्सीजन
वहीं द्वारका के वेंकटेश्वरा अस्पताल की ओर से पेश वकील ने अदालत से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं है। ऑक्सीजन की तत्काल आपूर्ति कराने के लिए अदालत निर्देश दें।
चंद घंटों के लिए बची थी ऑक्सीजन, ऐसे बचाई मरीजों की जान
दिल्ली अभी भी ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रही है। अस्पताल में कोरोना मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं लेकिन ऑक्सीजन की सही से आर्पूति नहीं हो रही है। मंगलवार की सुबह आकाश हेल्थकेयर में कुछ ही घंटों के लिए ऑक्सीजन बची थी और कई सारे कोरोना मरीजों की जान पर तलवार लटक गई थी। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल मदद के लिए कई सारे अस्पताल का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। आखिर में आकाश हेल्थकेयर ने मैक्स हेल्थकेयर से संपर्क साधा। मैक्स के प्रमोटर, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अभय सोई ने मदद का हाथ बढ़ाया।
आकाश हेल्थकेयर ने मैक्स का जताया आभार
उन्होंने सुबह 8:30 बजे तुरंत 10 डी-टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर भेजकर मरीजों की जान बचा ली। इसके बाद आकाश हेल्थकेयर के डॉक्टर और मरीजों ने राहत की सांस ली। मरीजों का इलाज बिना रुकावट के जारी रहा। आकाश हेल्थकेयर ने मैक्स हेल्थकेयर का आभार जताया।
महाराजा अग्रसेन अस्पताल की ओर से पेश वकील आलोक अग्रवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट को दिल्ली सरकार के आदेश के बारे में जानकारी दी। आदेश के मुताबिक, अस्पतालों को सभी इमरजेंसी मरीजों को 10 से 15 मिनट के भीतर देखना होगा और उन्हें ऑक्सीजन और दवाइयां देनी होंगी।