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कायस्थ महासम्मेलन: अपना हक लेने के लिए एकजुट हुआ कायस्थ समाज, भरी हुंकार- जो हमारे साथ, हम उसी के साथ
Tue, 21 Dec 2021 08:47 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Tue, 21 Dec 2021 08:47 AM IST
सार
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कायस्थ समाज खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा हे। इसलिए उसे अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए एक मंच पर आना पड़ा है।
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विश्व कायस्थ महासम्मेलन
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस की ओर से दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में विश्व कायस्थ महासम्मलेन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस(जीकेसी) के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि हम न तो किसी के साथ हैं और न ही खिलाफ। जो हमारे साथ है हम उसी के साथ हैं। उन्होंने कहा कि कायस्थ समाज अपना हक लेने के लिए पूरी तरह से तैयार और एकजुट है।
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आगे कहा कि कायस्थों ने जरूरत पड़ी तो राष्ट्र रक्षा में तलवारें भी उठाई हैं। स्वाधीनता आंदोलन से लेकर आजाद भारत में भी समाज के हस्ताक्षरों ने देश के महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली है, लेकिन आज कायस्थ समाज खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। इसलिए उसे अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए एक मंच पर आना पड़ा है।
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महासम्मेलन का उद्घाटन करते हुए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कायस्थ समाज ने देश और समाज के निर्माण में बड़ा योगदान दिया है। आजादी की लड़ाई में भी इस समाज ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। उन्होंने कहा कि हमें राजनीति नहीं करनी है, राष्ट्र निर्माण करना है और कायस्थ एक बुद्धिजीवी वर्ग है, जिनका पहले भी राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान रहा है। इस मौके पर फिल्म स्टार शत्रुघ्न सिन्हा, पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, पूर्व सांसद संजय निरूपम, अंजन श्रीवास्तव, शेखर सुमन, अध्ययन सुमन, स्वामी चक्रपाणी महाराज व अन्य मौजूद रहे।
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