एनएसई को-लोकेशन मामला: चित्रा का आनंद को पहचानने से इनकार, दोनों ने कभी एक-दूसरे को भेजे थे 2500 ईमेल, सीबीआई ने विशेष अदालत में दी दलील
सुनवाई के दौरान सीबीआई ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले 6 मार्च को उसने चित्रा और आनंद का आमना-सामना करवाया। यहां चित्रा ने आनंद को पहचानने से साफ इनकार कर दिया।
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की पूर्व एमडी-सीईओ चित्रा रामकृष्ण ने आनंद सुब्रमण्यन को पहचानने से इनकार कर दिया है। चित्रा ने ही उसे 15 लाख की नौकरी से उठाकर एनएसई में 5 करोड़ की नौकरी पर रखा था। यही नहीं, दोनों ने कम से कम 2500 ई-मेल एक दूसरे को भेजे थे। सीबीआई ने ये जानकारियां सोमवार को दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत में दी।
सीबीआई ने रविवार को को-लोकेशन घोटाले में गिरफ्तार चित्रा की 14 दिन का रिमांड मांगते हुए उसे अदालत में पेश किया था। हालांकि, सीबीआई जज संजीव अग्रवाल ने 14 मार्च यानी सात दिन का ही रिमांड स्वीकारी। साथ ही, सीबीआई को मामले में दर्ज एफआईआर को लंबे समय तक ठंडे बस्ते में रखने पर डांट लगाई।
सुनवाई के दौरान सीबीआई ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले 6 मार्च को उसने चित्रा और आनंद का आमना-सामना करवाया। यहां चित्रा ने आनंद को पहचानने से साफ इनकार कर दिया। सीबीआई के वकील ने कहा, घोटाले की जांच व खुलासे के लिए जरूरी है कि संबंधित अधिकारियों और शेयर दलालों की पहचान हो और पूछताछ की जाए। चित्रा भ्रामक जानकारियां देकर सहयोग नहीं कर रही है। इस मामले में एनएसई के सर्वर का दुरुपयोग कर शेयर दलालों को बाजार के डाटा तक पहुंच मुहैया कराई गई थी।
चित्रा और सुब्रमण्यन ही मुख्य साजिशकर्ताः केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कोर्ट में दावा किया है कि दावा किया कि उसे मिले साक्ष्य इस ओर इशारा करते हैं कि चित्रा और आनंद सुब्रमण्यन ही एनएसई घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता हैं। सीबीआई ने चित्रा को विशेष जज संजीव अग्रवाल की अदालत में पेश किया और पूछताछ के लिए 14 दिन का रिमांड मांगा। सीबीआई ने कहा, इस मामले में जब्त इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जांच की जा रही है। उसके आधार पर चित्रा से पूछताछ की जाएगी। अब तक चित्रा सवालों के ठीक से जवाब नहीं दे रही हैं और लगातार गोलमोल बातें बताकर जांच अधिकारियों को गुमराह कर रही हैं।
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चित्रा का दावा- रुकवाया था घोटाला
रिमांड का विरोध कर चित्रा के वकील ने कहा कि उसने तो घोटाला रुकवाया था। उसकी 85 साल की मां है, एक बेटी है। उसकी आजादी का गला नहीं घोटना चाहिए। चित्रा ने यह भी दावा किया अभी तक मुख्य आरोपी फरार है।
चाणक्य सॉफ्टवेयर बनाने वाले अजय से सवालात
सीबीआई ने अजय नरोत्तम शाह से भी पूछताछ की। अजय को चाणक्य सॉफ्टवेयर बनाने के लिए जाना जाता है। इसी सॉफ्टवेयर का उपयोग घोटाले में हुआ था।