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Flood Fears : यमुना में जलस्तर बढ़ने से सीमावर्ती गांवों में पानी, राहत शिविरों के पास से निकल रहे जहरीले सांप

Thu, 20 Jul 2023 05:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 20 Jul 2023 05:41 AM IST
सार

साहिबी नदी (नजफगढ़ ड्रेन) के साथ कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं, जबकि कई वर्षों से सालभर बाढ़ जैसी स्थिति से घिरे रावता व दौराला गांवों में हालात बिगड़ने के कगार पर पहुंच गए हैं। दूसरी तरफ कई राहत शिविरों के आसपास से सांप निकल रहे हैं, जिससे लोग डरे हैं। 

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Flood Fears: Water in border villages due to rise in water level in Yamuna
बाढ़ से परेशान लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने का असर उसके किनारे स्थित इलाकों पर ही नहीं, बल्कि दिल्ली के सीमावर्ती गांवों पर भी पड़ा है। साहिबी नदी (नजफगढ़ ड्रेन) के साथ कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं, जबकि कई वर्षों से सालभर बाढ़ जैसी स्थिति से घिरे रावता व दौराला गांवों में हालात बिगड़ने के कगार पर पहुंच गए हैं। दूसरी तरफ कई राहत शिविरों के आसपास से सांप निकल रहे हैं, जिससे लोग डरे हैं। 

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दरअसल यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण नजफगढ़ ड्रेन समेत उसमें गिरने वाले नाले बंद कर दिए थे। इस कारण नजफगढ़ ड्रेन ओवरफ्लो हो गया और उसका पानी रावता व दौराला गांवों के रिहायशी इलाकों के पास पहुंच गया। हरियाणा की ओर काफी हिस्से में नजफगढ़ ड्रेन पर बांध नहीं बना हुआ है। इस हिस्से में दिल्ली के सीमावर्ती रावता व दौराला गांव भी आते हैं। इस कारण हरियाणा के कई गांवों की तरह दिल्ली के इन दोनों गांवों के किसानों की करीब तीन सौ एकड़ कृषि भूमि पर सालभर पानी भरा रहता है। 
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हाल ही में यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने पर तमाम नालों की तरह नजफगढ़ ड्रेन बंद कर दी गई थी। इस कारण रावता व दौराला गांवों की कृषि भूमि में बाढ़ का दायरा बढ़ गया। इस दौरान गांवों में करीब चार सौ एकड़ कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में आ गई है और दौराला गांव में भी काफी कृषि भूमि पर बाढ़ का पानी जमा हो चुका है।
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यमुना किनारे से आ रही दुर्गंध लोगों को कर रही बीमार
बाढ़ का पानी घटने के बाद यमुना के किनारे से दुर्गंध आ रही है। ये दुर्गंध दिल्ली वासियों को बीमार कर रही है। इसके किनारों पर जमा गाद लोगों को परेशान कर रही है। यमुना के पुलों से गुजरने पर तेज दुर्गंध को महसूस किया जा सकता है। यमुना की    बाढ़ में 1615 से ज्यादा मवेशियों के शव अभी तक बरामद किए गए हैं, 315 शवों को बुधवार को एमसीडी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से उठवाया है। अभी भारी संख्या में मवेशियों के शव गाद के नीचे, झाड़ियों के बीच और पुलों के नीचे फंसे होने की आशंका है, जिसके कारण नदी के आसपास दुर्गंध फैल रही है।

जिला प्रशासन की ओर से जलजनित व मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए बाढ़ राहत शिविरों में फॉगिंग कराई जा रही है, कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। लोगों को जलजनित कॉलरा, गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी बीमारियां न हों, इसके लिए चिकित्सकों की टीम लगातार बाढ़ शिविरों में तैनात की गई है। इन बीमारियों के लक्षण दिखने पर लोगों को तत्काल उपचार दिया जा रहा है। दिल्ली नगर निगम के जन स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा किया है कि बाढ़ की वजह से महामारी फैलने के संकेत नहीं मिले हैं। अभी तक की जांच रिपोर्ट में भी इस तरह के तथ्य सामने नहीं आए हैं। दिल्ली जल बोर्ड के पानी के लगातार नमूने उठाए जा रहे हैं। 

विषैले सांप निकलने से लोगों में भय
बाढ़ प्रभावित शिविरों के आस-पास विशैले सांप निकल रहे हैं, जिसके कारण लोगों में भय का माहौल है। मयूर विहार बाढ़ राहत शिविर के पास बुधवार को कुछ ही समय के भीतर दो जहरीले किंग कोबरा सांप पकड़े गए। ड्यूटी पर तैनात तहसीलदार विनोद कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन की तरफ से तैनात टीम ने तत्काल दोनों सांपों को पकड़कर वन विभाग को सौंपा। दिल्ली सरकार ने वन विभाग को सांप पकड़ने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम बनाने का निर्देश दिया है। 

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को मिलेगी नई वर्दी व किताबें
बाढ़ के कारण यमुना किनारे रहने वाले परिवारों का काफी नुकसान हुआ है। कई परिवार ऐसे हैं, जिनका सब सामान बह गया है। इन इलाकों में रहने वाले स्कूली बच्चों की वर्दी व किताबें बह गईं या खराब हो गई हैं। ऐसे में अब प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को नई वर्दी व किताबें मिलेंगी। किताबें व वर्दी नहीं होने से बच्चे स्कूल जाने में झिझक रहे हैं। ऐसे में शिक्षा निदेशालय सरकारी स्कूलों के बच्चों को नई वर्दी व पुस्तकों का नया सेट उपलब्ध कराने जा रहा है।

बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में फूड ड्राइव अभियान
यमुना में आई बाढ़ से कई परिवार बेघर हो गए हैं। बाढ़ पीड़ितों के समक्ष खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में कई सामाजिक संगठन उन परिवारों को राहत देने के लिए आगे आए हैं। इन्हीं में सचिन मनचंदा फाउंडेशन भी है। दिल्ली के आसपास बाढ़ ग्रस्त इलाकों में फाउंडेशन फूड ड्राइव का अभियान शुरू किया गया है, जिससे बेघर लोगों को खाने-पीने की परेशानी न हो। फाउंडेशन के ट्रस्टी सचिन मनचंदा ने कहा कि मयूर विहार, अक्षरधाम, यमुना बैंक, कॉमनवेल्थ गेम्स एरिया के पीछे फूड ड्राइव अभियान चलाया है,    जिसको लेकर टीम ने बाढ़ पीड़ितों को पौष्टिक भोजन तैयार करने और वितरित करने का प्रयास   किया है।


सराय काले खां व गीता कॉलोनी श्मशान घाट चालू
बाढ़ से दिल्ली के चार श्मशान घाट प्रभावित हुए थे। निगम बोध व सराय काले खां श्मशान घाट निगम द्वारा संचालित हैं, जबकि गीता कॉलोनी व वजीराबाद श्मशान घाट का संचालन निजी संस्था करती है। सराय काले खां व गीता कॉलोनी श्मशान घाट को मंगलवार से चालू कर दिया गया है। निगमबोध घाट व वजीराबाद घाट को भी जल्द ही चालू कर दिया जाएगा।

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