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देश में सबसे पहले दिल्ली हर्ड इम्युनिटी की ओर
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नई दिल्ली (अभिषेक पांचाल)। देश में सबसे पहले दिल्ली सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता (हर्ड इम्युुनिटी) की ओर बढ़ रही है। मंगलवार को आए पांचवें सीरो सर्वे के परिणामों से इस बात का खुलासा हुआ है? इस बार 56.13 फीसदी लोगों में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी मिली है। यानी, राजधानी की आधी से ज्यादा आबादी कोरोना संक्रमित होकर स्वस्थ हो चुकी है। यह सर्वे 15 से 23 जनवरी के बीच किया गया था। इसमें सभी वार्डों से 28 हजार लोगों के सैंपल लिए गए थे। सर्वे में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा एंटीबॉडी मिली।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि 15 से 23 जनवरी तक किया गया यह सर्वे देश में सबसे बड़ा था। देश के कई राज्यों में सीरो सर्वे किया गया है, लेकिन कहीं भी 35 फीसदी से ज्यादा लोगों में एंटीबॉडी नहीं मिली है। इस बार सर्वे में सैंपल साइज बढ़ाया गया है। साथ ही सैंपल जमा करते समय सामाजिक आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखा गया है। सभी टेस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज से कराए गए। ऐसा लगता है कि दिल्ली के लोगों में हर्ड इम्युनिटी विकसित हो रही है, लेकिन इसकी घोषणा विशेषज्ञ ही कर सकते हैं। ऐसा पहली बार है कि इतने अधिक लोगों में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी मिली है।
उन्होंने कहा कि 10-12 दिन से कोरोना के मामले 200 से कम आ रहे हैं। अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या काफी कम है। एक समय संक्रमण दर 15 प्रतिशत पर चली गई थी, वह अब घटकर 1 फीसदी से भी कम हो गई है। मामले घट रहे हैं, लेकिन लोगों से अपील है कि लापरवाही न बरतें और कोरोना से बचाव के सभी नियमों का पालन जरूर करें।
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दिल्ली स्वास्थ्य सेवाओं की निदेशक डॉ. नूतन मुंडेजा ने कहा कि यह सर्वे मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के साथ मिलकर किया गया है। इसमें नई और बेहतर सीएलआईए तकनीक का उपयोग किया गया। सैंपल जांचने की यह तकनीक काफी बेहतर है। इससे पहले ईएलआईएसए तकनीक का प्रयोग किया जाता था।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया दिल्ली के सभी फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को कोविड वैक्सीन अगले सप्ताह से लगनी शुरू हो जाएगी। इनमें सरकारी स्कूलों के अध्यापक, एमसीडी कर्मचारी, पुलिसकर्मी, आशा और एएनएम कार्यकर्ता शामिल हैं।
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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि 15 से 23 जनवरी तक किया गया यह सर्वे देश में सबसे बड़ा था। देश के कई राज्यों में सीरो सर्वे किया गया है, लेकिन कहीं भी 35 फीसदी से ज्यादा लोगों में एंटीबॉडी नहीं मिली है। इस बार सर्वे में सैंपल साइज बढ़ाया गया है। साथ ही सैंपल जमा करते समय सामाजिक आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखा गया है। सभी टेस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज से कराए गए। ऐसा लगता है कि दिल्ली के लोगों में हर्ड इम्युनिटी विकसित हो रही है, लेकिन इसकी घोषणा विशेषज्ञ ही कर सकते हैं। ऐसा पहली बार है कि इतने अधिक लोगों में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी मिली है।
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उन्होंने कहा कि 10-12 दिन से कोरोना के मामले 200 से कम आ रहे हैं। अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या काफी कम है। एक समय संक्रमण दर 15 प्रतिशत पर चली गई थी, वह अब घटकर 1 फीसदी से भी कम हो गई है। मामले घट रहे हैं, लेकिन लोगों से अपील है कि लापरवाही न बरतें और कोरोना से बचाव के सभी नियमों का पालन जरूर करें।
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दिल्ली स्वास्थ्य सेवाओं की निदेशक डॉ. नूतन मुंडेजा ने कहा कि यह सर्वे मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के साथ मिलकर किया गया है। इसमें नई और बेहतर सीएलआईए तकनीक का उपयोग किया गया। सैंपल जांचने की यह तकनीक काफी बेहतर है। इससे पहले ईएलआईएसए तकनीक का प्रयोग किया जाता था।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया दिल्ली के सभी फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को कोविड वैक्सीन अगले सप्ताह से लगनी शुरू हो जाएगी। इनमें सरकारी स्कूलों के अध्यापक, एमसीडी कर्मचारी, पुलिसकर्मी, आशा और एएनएम कार्यकर्ता शामिल हैं।