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कोयले के गहराते संकट से दिल्ली में बिजली किल्लत की आशंका
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नई दिल्ली। देश में कोयला संकट को देखते हुए दिल्ली में बिजली किल्लत की आशंका के मद्देनजर सरकार सतर्क हो गई है। ऊर्जा मंत्री सतेंद्र जैन ने शनिवार को इस संबंध
उच्च स्तरीय बैठक की। इसके साथ ही केंद्र सरकार से अपील की गई कि रेलवे वैगन का इंतजाम करे और जल्द से जल्द पॉवर प्लांट तक कोयला पहुंचाया जाए। बिजली संयंत्रों को भी कम एक महीने का कोयला भंडार सुनिश्चित करने को कहा जाए। उधर, सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली को बिजली आपूर्ति करने वाले संयंत्रों को पर्याप्त कोयला और गैस देने का अनुरोध किया है।
केजरीवाल ने देश के अन्य संयंत्रों से पर्याप्त कोयले को दादरी-ढ्ढढ्ढ और झज्जर टीपीएस संयंत्रों में स्थानांतरित करने के लिए अनुरोध किया, जो दिल्ली को आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने बवाना, प्रगति-1 और जीटीपीएस को गैस आवंटन की भी मांग की है। इसके साथ ही पत्र के माध्यम से थर्मल पावर प्लांट में कोयले की किल्लत और कोयले की मौजूदा स्टॉक की जानकारी भी दी है। केजरीवाल ने कहा, कोयला संकट होने पर गैस आधारित पावर प्लांट पर निर्भरता बढ़ती है लेकिन इतनी गैस नहीं है कि पावर प्लांट पूरी क्षमता पर चल सकें।
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बिजली कंपनियों ने कहा- नहीं होगी समस्या
दिल्ली में बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनियों का कहना है कि अन्य राज्यों की तरह दिल्ली में बिजली की समस्या नहीं होगी। दिल्ली में स्टोरेज सिस्टम के साथ ही अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। हालांकि कंपनियों ने लोगों से अपील की है कि कोयला संकट को देखते हुए बिजली की खपत कम करें।
एनटीपीसी में एक दिन का ही कोयला भंडार : जैन
ऊर्जा मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि पूरे देश के संयंत्रों में कोयले की कमी है। मांग कम होने के बावजूद पॉवर प्लांट बिजली का उचित उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। दिल्ली के बाहर स्थित पॉवर प्लांट से दिल्ली में अधिकतम बिजली आपूर्ति की जाती है। ज्यादातर बिजली केंद्र सरकार के एनटीपीसी से खरीदी जाती है, जहां कोयले का भंडार कम से कम एक महीने का रखना होता है। यह स्टॉक घट कर एक दिन का ही रह गया है। ज्यादातर पॉवर प्लांट अपनी 100 फीसद क्षमता पर नहीं चल रहे हैं। जैन ने केंद्र सरकार से अपील की कि रेलवे वैगन का इंतजाम किया जाए और जल्द से जल्द पॉवर प्लांट तक पहुंचाया जाए।
बिजली संकट पर कांग्रेस-भाजपा ने आप को घेरा
नई दिल्ली। बिजली संकट की आशंका को लेकर विपक्षी पार्टियों ने दिल्ली सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। कांग्रेस व भाजपा ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री दिल्ली की समस्याओं से अनजान रहते है। जब संकट दहलीज पर पहुंच जाता है तो जतन शुरू करते हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि बिजली संयंत्र चलाने के लिए कोयले का स्टॉक खत्म होने के कगार पर है। अपनी असहाय स्थिति जताने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। दूसरे राज्यों की राजनीति में व्यस्त मुख्यमंत्री दिल्ली की समस्याओं से बेपरवाह है क्योंकि दिल्ली में बिजली संकट की जानकारी उन्हें बिजली कंपनियों द्वारा मिली है, जबकि दिल्लीवासी लंबे समय से बिजली संकट झेल रहे हैं। उधर, प्रदेश भाजपा ने कहा कि प्रधानमंत्री को पत्र लिखना यह स्पष्ट दर्शाता है की केजरीवाल सरकार केवल सुप्रचार करती है पर कसी संकट का समाधान नही होता। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने मांग की है कि मुख्यमंत्री बताएं की उनकी सरकार ने बिजली संयंत्रों के लिए आवश्यक कोयले एवं गैस की पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गत 10-15 दिन में क्या प्रयास किए।
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उच्च स्तरीय बैठक की। इसके साथ ही केंद्र सरकार से अपील की गई कि रेलवे वैगन का इंतजाम करे और जल्द से जल्द पॉवर प्लांट तक कोयला पहुंचाया जाए। बिजली संयंत्रों को भी कम एक महीने का कोयला भंडार सुनिश्चित करने को कहा जाए। उधर, सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली को बिजली आपूर्ति करने वाले संयंत्रों को पर्याप्त कोयला और गैस देने का अनुरोध किया है।
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केजरीवाल ने देश के अन्य संयंत्रों से पर्याप्त कोयले को दादरी-ढ्ढढ्ढ और झज्जर टीपीएस संयंत्रों में स्थानांतरित करने के लिए अनुरोध किया, जो दिल्ली को आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने बवाना, प्रगति-1 और जीटीपीएस को गैस आवंटन की भी मांग की है। इसके साथ ही पत्र के माध्यम से थर्मल पावर प्लांट में कोयले की किल्लत और कोयले की मौजूदा स्टॉक की जानकारी भी दी है। केजरीवाल ने कहा, कोयला संकट होने पर गैस आधारित पावर प्लांट पर निर्भरता बढ़ती है लेकिन इतनी गैस नहीं है कि पावर प्लांट पूरी क्षमता पर चल सकें।
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बिजली कंपनियों ने कहा- नहीं होगी समस्या
दिल्ली में बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनियों का कहना है कि अन्य राज्यों की तरह दिल्ली में बिजली की समस्या नहीं होगी। दिल्ली में स्टोरेज सिस्टम के साथ ही अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। हालांकि कंपनियों ने लोगों से अपील की है कि कोयला संकट को देखते हुए बिजली की खपत कम करें।
एनटीपीसी में एक दिन का ही कोयला भंडार : जैन
ऊर्जा मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि पूरे देश के संयंत्रों में कोयले की कमी है। मांग कम होने के बावजूद पॉवर प्लांट बिजली का उचित उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। दिल्ली के बाहर स्थित पॉवर प्लांट से दिल्ली में अधिकतम बिजली आपूर्ति की जाती है। ज्यादातर बिजली केंद्र सरकार के एनटीपीसी से खरीदी जाती है, जहां कोयले का भंडार कम से कम एक महीने का रखना होता है। यह स्टॉक घट कर एक दिन का ही रह गया है। ज्यादातर पॉवर प्लांट अपनी 100 फीसद क्षमता पर नहीं चल रहे हैं। जैन ने केंद्र सरकार से अपील की कि रेलवे वैगन का इंतजाम किया जाए और जल्द से जल्द पॉवर प्लांट तक पहुंचाया जाए।
बिजली संकट पर कांग्रेस-भाजपा ने आप को घेरा
नई दिल्ली। बिजली संकट की आशंका को लेकर विपक्षी पार्टियों ने दिल्ली सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। कांग्रेस व भाजपा ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री दिल्ली की समस्याओं से अनजान रहते है। जब संकट दहलीज पर पहुंच जाता है तो जतन शुरू करते हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि बिजली संयंत्र चलाने के लिए कोयले का स्टॉक खत्म होने के कगार पर है। अपनी असहाय स्थिति जताने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। दूसरे राज्यों की राजनीति में व्यस्त मुख्यमंत्री दिल्ली की समस्याओं से बेपरवाह है क्योंकि दिल्ली में बिजली संकट की जानकारी उन्हें बिजली कंपनियों द्वारा मिली है, जबकि दिल्लीवासी लंबे समय से बिजली संकट झेल रहे हैं। उधर, प्रदेश भाजपा ने कहा कि प्रधानमंत्री को पत्र लिखना यह स्पष्ट दर्शाता है की केजरीवाल सरकार केवल सुप्रचार करती है पर कसी संकट का समाधान नही होता। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने मांग की है कि मुख्यमंत्री बताएं की उनकी सरकार ने बिजली संयंत्रों के लिए आवश्यक कोयले एवं गैस की पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गत 10-15 दिन में क्या प्रयास किए।