{"_id":"6041e708b59f31245f20825c","slug":"farmers-agitation-violence-5-farmers-including-10-class-students-got-bail","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान आंदोलन हिंसा: 10वीं कक्षा के छात्र सहित पांच किसानों को मिली जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान आंदोलन हिंसा: 10वीं कक्षा के छात्र सहित पांच किसानों को मिली जमानत
Fri, 05 Mar 2021 05:51 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Fri, 05 Mar 2021 05:51 PM IST
विज्ञापन
किसानों और 10वीं के छात्र को मिली जमानत
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अदालत ने किसान आंदोलन के दौरान गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा मामले में बुधवार को 10वीं कक्षा के छात्र सहित पांच लोगों को जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने आरोपी रवि, आशीष, प्रवेश, दीपक सिंह व नवीन को जमानत प्रदान करते हुए कहा कि उनकी नजर में उनको जेल में रखने का कोई औचित्य नहीं है। इसके अलावा ऐसी कोई आशंका नहीं है कि वे पुन: इसी प्रकार के अपराध में शामिल होंगे।
विज्ञापन
अदालत ने सभी की जमानत 30 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके व इतनी ही राशि की जमानत राशि पर मंजूर की है। पुलिस ने उन्हें नांगलोई में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया था।तीस हजारी अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुधांशु कौशिक ने अपने फैसले में कहा पुलिस का आरोप है कि आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया व गैस गन लूट ली।
विज्ञापन
अदालत ने कहा कि छात्र सहित अन्य आरोपी करीब एक माह से भी ज्यादा अवधि से जेल में है और पुलिस कुछ भी बरामद नहीं कर पाई। इसके अलावा किसी भी याची का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। अदालत ने कहा कि इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए उनका मानना है कि आरोपियों को हिरासत में रखने का कोई मतलब नहीं है। अदालत ने कहा कि उन्हें हिरासत में केवल इस आशंका पर नहीं रखा जा सकता कि वह फिर से इसी तरह का अपराध कर सकते हैं, विशेष रूप से जब पिछली संलिप्तता का कोई रिकॉर्ड नहीं है|
विज्ञापन
इससे पूर्व याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दावा किया कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है और वह किसानों के विरोध मार्च में शांतिपूर्वक भाग लेने के लिए दिल्ली आए थे। इसके अलावासीसीटीवी फुटेज में कहीं दिखाई नहीं दे रहे और 18 घंटे बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।