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दिल्ली: फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़, लैब के नाम से ऐसे करते थे तैयार, तीन गिरफ्तार
Tue, 18 May 2021 11:43 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 18 May 2021 11:43 PM IST
सार
शहादरा थाने की टीम ने फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट के नाम पर ठगी करने वाले उत्तम नगर के जितेन्द्र (25), सन्नी सिंह (29) और द्वारका के सुनील कुमार (20) को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस ने तीन आरोपी किए गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शाहदरा जिले की पुलिस ने फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट देने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने इस गिरोह में शामिल तीनों ठगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाला लैपटॉप व तीन मोबाइलफोन भी पुलिस ने बरामद किया है।
शहादरा थाने की टीम ने फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट के नाम पर ठगी करने वाले उत्तम नगर के जितेन्द्र (25), सन्नी सिंह (29) और द्वारका के सुनील कुमार (20) को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में इस बात को कुबूल किया है कि उन्होंने द्वारका और नारायणा क्षेत्र के कई लोगों को फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट के जरिए ठगा है।
पुलिस के मुताबिक पूर्वी गोरख पार्क निवासी उमंग गोगियो ने शहादरा थाने में 5 मई को एक एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि उनकी मां पहले से कोरोना पॉजिटिव थीं, इसलिए परिवार के बाकी सदस्यों के कोरोना आरटीपीसीआर जांच के लिए उन्होंने एक व्यक्ति को घर पर बुलाया था।
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जिसने परिवार के 6 लोगों का कोविड सेंपल लिया और बदले में 1500 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से 9000 रुपये नकद वसूला। लेकिन चार दिन बाद भी उसने रिपोर्ट नहीं दी तो उन्होंने उसे दोबारा फोन किया। इस बार उसने दो दिन के भीतर रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया। दो दिन के बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को निगेटिव रिपोर्ट दी। लेकिन उसपर लिखी नमूना संग्रह की तारीख गलत लिथी गई थी। जिससे शिकायतकर्ता को उसके ऊपर संदेह हुआ।
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शहादरा थाने की टीम ने फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट के नाम पर ठगी करने वाले उत्तम नगर के जितेन्द्र (25), सन्नी सिंह (29) और द्वारका के सुनील कुमार (20) को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में इस बात को कुबूल किया है कि उन्होंने द्वारका और नारायणा क्षेत्र के कई लोगों को फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट के जरिए ठगा है।
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पुलिस के मुताबिक पूर्वी गोरख पार्क निवासी उमंग गोगियो ने शहादरा थाने में 5 मई को एक एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि उनकी मां पहले से कोरोना पॉजिटिव थीं, इसलिए परिवार के बाकी सदस्यों के कोरोना आरटीपीसीआर जांच के लिए उन्होंने एक व्यक्ति को घर पर बुलाया था।
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जिसने परिवार के 6 लोगों का कोविड सेंपल लिया और बदले में 1500 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से 9000 रुपये नकद वसूला। लेकिन चार दिन बाद भी उसने रिपोर्ट नहीं दी तो उन्होंने उसे दोबारा फोन किया। इस बार उसने दो दिन के भीतर रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया। दो दिन के बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को निगेटिव रिपोर्ट दी। लेकिन उसपर लिखी नमूना संग्रह की तारीख गलत लिथी गई थी। जिससे शिकायतकर्ता को उसके ऊपर संदेह हुआ।
रिपोर्ट पर डॉ. लाल चांदनी लैब पंजाबी बाग का नाम दर्ज था। पुलिस ने डॉ. लाल चांदनी लैब में जब संपर्क किया तो इन गिरोहियों का भांडा फूट गया। पुलिस को पता चला कि आरोपी पंजाबी बाग की लैब में काम करते हैं और वहीं से तीनों मिलकर यह गिरोह चला रहे थे। लोगों से ज्यादा पैसे लेकर ये उन्हें नकली रिपोर्ट थमा रहे थे।
शहादरा के एसीपी मयंक बंसल ने इस मामले को गंभीरता से लिया और शहादरा थाने के एसएचओ शिवराज सिंह बिष्ट को इसके लिए एक टीम गठित करने को कहा। इंस्पेक्टर प्रह्लाद के नेतृत्व में एसआई देशपाल, एसआई विशुवेंद्र, एएसआई वेद प्रकाश, हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार, कांस्टेबल रवि और राकेश की टीम ने इस गिरोह को पकड़ा।
शहादरा के एसीपी मयंक बंसल ने इस मामले को गंभीरता से लिया और शहादरा थाने के एसएचओ शिवराज सिंह बिष्ट को इसके लिए एक टीम गठित करने को कहा। इंस्पेक्टर प्रह्लाद के नेतृत्व में एसआई देशपाल, एसआई विशुवेंद्र, एएसआई वेद प्रकाश, हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार, कांस्टेबल रवि और राकेश की टीम ने इस गिरोह को पकड़ा।