दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन: सिंगल विंडो प्रणाली से सात दिनों के अंदर लगेंगे चार्जर, अब 2500 रुपये में लगाए जा सकेंगे ईवी चार्जर
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने सिंगल विंडो सुविधा की शुरुआत के मौके पर संवाददाताओं को बताया कि डिस्कॉम कंपनियों के साथ मिलकर इस दिशा में पहल की गई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पिछले साल दिल्ली सरकार ने ईवी पॉलिसी को लांच किया था।
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दिल्ली सरकार ने सिंगल विंडो सुविधा के साथ छोटे वाहनों के लिए चार्जर पर 6000 रुपये की सब्सिडी देगी। मॉल्स, दुकान, अस्पताल सहित दूसरे परिसरों में भी ईवी चार्जर लगाए जा सकेंगे। शुरुआती 30 हजार ईवी चार्जर पर दिल्ली सरकार की ओर से 30 हजार रुपये बतौर सब्सिडी दी जाएगी।
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने सिंगल विंडो सुविधा की शुरुआत के मौके पर संवाददाताओं को बताया कि डिस्कॉम कंपनियों के साथ मिलकर इस दिशा में पहल की गई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पिछले साल दिल्ली सरकार ने ईवी पॉलिसी को लांच किया था। पिछले करीब एक साल में इलेक्ट्रिक वाहनों की तादाद बढ़कर सात फीसदी तक हो गई है।
छोटे वाहनों के लिए चार्जिंग की सहूलियत देने के लिए ईवी चार्जर के लिए सिंगल विंडो की शुरुआत की गई है। इसके तहत डिस्कॉम कंपनियां और वेंडर के सहयोग से आवेदन के सात दिनों के अंदर ही चार्जर लगाए जा सकेंगे। इसपर करीब 8500 रुपये की लागत आएगी, लेकिन सरकार की ओर से 6000 रुपये की सब्सिडी भी दी जाएगी। इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से लगातार सहूलियतें दी जा रही हैं।
शुरुआती 30 हजार आवेदकों को ई वी चार्जर लगाने के लिए 6000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। दिल्ली पहला ऐसा राज्य हो गया है जहां चार्जिंग की सुविधा और ई वाहनों के प्रोत्साहन के लिए तीनों डिस्कॉम कंपनियों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। इस मौके पर डायलॉग एंड डवलेपमेंट कमीशन के वाइस चेयरमैन जस्मीन शाह सहित तीनों डिस्कॉम कंपनियों के आला अधिकारी भी मौजूद थे।
सुविधाओं को किया गया इंटीग्रेट
परिवहन मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए डिस्कॉम कंपनियां, वेंडर, सरकार सहित तमाम सेवा प्रदाताओं को इंटीग्रेट किया गया है ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़े। बेहतर सुविधा देने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से लगातार कोशिशें की जा रही हैं।
आवेदन प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है ताकि ई वी चार्जर लगाने में उलझन न हो। केवल बिजली कनेक्शन का सीए नंबर देना होगा ताकि सब्सिडी का लाभ ईवी चार्जर पर मिल सके। इसे छोटे वाहनों को भी प्रोत्साहन मिलेगा, क्योंकि दोपहिया और तिपहिया वाहनों की अधिक संख्या होने की वजह से प्रदूषण भी अधिक होता है।
महज 4.50 रुपये होगी एक यूनिट बिजली की दर
परिवहन मंत्री ने कहा कि नई पार्किंग पॉलिसी के तहत नई बिल्डिंगों में ई वाहनों के लिए 20 फीसदी जगह इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नियत किया जाना जरूरी है। मॉल्स, हॉस्पिटल, सिनेमा हॉल, दुकान या रिहायशी क्षेत्र में भी चार्जर लगाए जा सकेंगे। इसके लिए अलग मीटर लिए जा सकते हैं। अलग मीटर पर चार्जिंग के मद में होने वाला खर्च भी बेहद कम होगा।
कॉमर्शियल की अपेक्षा 50 फीसदी से भी कम होगी। ई चार्जर पर बिजली की दर प्रति यूनिट करीब 4.50 रुपये होगी जबकि कॉमर्शियल कनेक्शन के लिए यह करीब 10 रुपये है। सब्सिडी या दूसरी सुविधाएं देने में भी ई वी सिंगल विडो की अहम भूमिका होगी। महज 2500 रुपये में ईवी चार्जर लगाने की सुविधा से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इससे काफी राहत मिलेगी।
दुकान में भी लगा सकते हैं ईवी चार्जर
डीडीसीए के उपाध्यक्ष जस्मीन शाह ने कहा कि अब एक किराना दुकानदार भी ईवी चार्जर लगा सकता है। पहले इसे लगाने में तीन महीने का वक्त लगता था, लेकिन अब यह सुविधा महज सात दिनों में उपलब्ध होगी। टाटा पॉवर दूसरी डिस्कॉम कंपनियों की वेबसाइट के जरिये ईवी चार्जर लगाने के लिए आवेदन किए जा सकते हैं।