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Delhi: जश्न-ए-हिंदुस्तान में गूंजी एकता-सद्भाव की आवाज, डॉ. इंद्रेश कुमार को मिला लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
Tue, 18 Aug 2026 06:52 PM IST
विकास कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, दिल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी, दिल्ली
Published by: विकास कुमार
Updated Tue, 18 Aug 2026 06:52 PM IST
सार
कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, राष्ट्र निर्माण और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद एवं सौहार्द को बढ़ावा देने में डॉ. इंद्रेश कुमार के योगदान को देखते हुए उन्हें प्रतिष्ठित ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
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डॉ. इंद्रेश कुमार लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश की आजादी के 80वें वर्ष के अवसर पर राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और देश की साझा संस्कृति को समर्पित भव्य कार्यक्रम ‘जश्न-ए-हिंदुस्तान’ का आयोजन रविवार को नई दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित द सूर्या होटल में किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक चले इस कार्यक्रम का आयोजन उर्दू एजुकेशन बोर्ड द्वारा किया गया। कार्यक्रम में देश की सांस्कृतिक विविधता, आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रमुखता से सामने आया।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य एवं राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संस्थापक डॉ. इंद्रेश कुमार रहे। समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सैयद फारूक, प्रोफेसर ताहिर हुसैन, प्रोफेसर शाहिद अख्तर, डॉ. शंकर सान्याल, प्रोफेसर गीता सिंह और प्रोफेसर भारती की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया।
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कार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, राष्ट्र निर्माण और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद एवं सौहार्द को बढ़ावा देने में डॉ. इंद्रेश कुमार के योगदान को देखते हुए उन्हें प्रतिष्ठित ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों ने उनके सामाजिक एवं राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों की सराहना की और उनके योगदान को सम्मानित किए जाने को गौरव का क्षण बताया।
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‘जश्न-ए-हिंदुस्तान’ का उद्देश्य देश की विविध सांस्कृतिक एवं सामाजिक परंपराओं को एक मंच पर लाना तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव की भावना को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की विविधता के साथ-साथ उर्दू अदब, साहित्य और सामाजिक सरोकारों की भी झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग देते हुए कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया, जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से देशप्रेम, सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया। इसके अलावा कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। गीत, कविता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समारोह का माहौल उत्साह और देशभक्ति की भावना से सराबोर रहा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा साहित्य एवं संस्कृति से जुड़े लोगों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया। आयोजन स्थल पर देशभक्ति, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का विशेष वातावरण देखने को मिला।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि डॉ. इंद्रेश कुमार ने राष्ट्र की एकता और सामाजिक सद्भाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भारत की विविधता को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी सम्मान, सहयोग और संवाद को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने तथा समाज में भाईचारे और सौहार्द की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
आयोजकों के अनुसार, ‘जश्न-ए-हिंदुस्तान’ केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की साझा विरासत और राष्ट्रीय एकता की भावना को अभिव्यक्त करने वाला मंच रहा। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि भारत की प्रगति और मजबूती के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है।
लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने के बाद कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने डॉ. इंद्रेश कुमार को बधाई दी। सम्मान समारोह के दौरान मौजूद अतिथियों ने इसे सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना के रूप में देखा।