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Delhi News: 4.5 लाख परिवारों के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण शुरू
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आधुनिक, पारदर्शी, वैज्ञानिक व नागरिक-केंद्रित वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम किया जा रहा तैयार : रेखा गुप्ता
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की सफाई व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को जनकपुरी के पंखा रोड स्थित कॉम्पेक्टर स्थल से पश्चिमी दिल्ली में डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन एवं सेकेंडरी ट्रांसपोर्टेशन परियोजना का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। परियोजना के तहत पश्चिमी जोन के 25 वार्डों के करीब 4.50 लाख परिवारों को कवर किया जाएगा। पहले चरण में छह वार्डों में व्यवस्था शुरू की गई है, जबकि शेष 19 वार्डों को 31 अगस्त 2026 तक इस व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। पूरी परियोजना के लिए 917 आधुनिक कचरा संग्रहण वाहनों और संसाधनों की तैनाती की गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल कचरा उठाना नहीं, बल्कि दिल्ली में आधुनिक, पारदर्शी, वैज्ञानिक और नागरिक-केंद्रित वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम तैयार करना है। उन्होंने कहा कि पहले संसाधनों और आधुनिक मशीनरी की कमी के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित होती थी। अब ऑटो टिप्पर, फिक्स्ड कॉम्पेक्टर, हुक लोडर और अन्य आधुनिक उपकरणों के माध्यम से इस व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल चरणबद्ध तरीके से पूरी दिल्ली में लागू किया जाएगा।
परियोजना के तहत संकरी गलियों तक पहुंच के लिए 225 ई-रिक्शा, 550 मिनी टिपर, 52 कॉम्पैक्टर, 41 हुक लोडर, 28 टाटा 407, 10 डम्पर और छह बिन वॉशर लगाए गए हैं। 123 एफसीटीएस बिन भी व्यवस्था का हिस्सा होंगे। सरकार के अनुसार, इन संसाधनों से घर-घर से समयबद्ध और प्रभावी कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा।
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पूरी व्यवस्था की निगरानी जीपीएस आधारित वार रूम, सेंट्रल कंट्रोल रूम, ईएसबीएम ऐप, सीसीटीवी और हेल्पलाइन के माध्यम से की जाएगी। पारंपरिक ढलावों की जगह आधुनिक और गंध-मुक्त फिक्स्ड कॉम्पेक्शन ट्रांसफर स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं।
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह परियोजना पश्चिमी दिल्ली की स्वच्छता व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम है। वहीं पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अब कई क्षेत्रों में घरों से कचरा सुबह और शाम, दिन में दो बार उठाने की व्यवस्था की जाएगी। महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन और स्रोत पर कचरा पृथक्करण मजबूत होगा। उन्होंने बताया कि ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइटों पर बायोमाइनिंग और वेस्ट प्रोसेसिंग का काम भी तेजी से जारी है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। कार्यक्रम में निगमायुक्त संजीव खिरवार, पश्चिमी जोन अध्यक्ष हरीश ओबेरॉय, स्थानीय पार्षद उर्मिला चावला सहित निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की सफाई व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को जनकपुरी के पंखा रोड स्थित कॉम्पेक्टर स्थल से पश्चिमी दिल्ली में डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन एवं सेकेंडरी ट्रांसपोर्टेशन परियोजना का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। परियोजना के तहत पश्चिमी जोन के 25 वार्डों के करीब 4.50 लाख परिवारों को कवर किया जाएगा। पहले चरण में छह वार्डों में व्यवस्था शुरू की गई है, जबकि शेष 19 वार्डों को 31 अगस्त 2026 तक इस व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। पूरी परियोजना के लिए 917 आधुनिक कचरा संग्रहण वाहनों और संसाधनों की तैनाती की गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल कचरा उठाना नहीं, बल्कि दिल्ली में आधुनिक, पारदर्शी, वैज्ञानिक और नागरिक-केंद्रित वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम तैयार करना है। उन्होंने कहा कि पहले संसाधनों और आधुनिक मशीनरी की कमी के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित होती थी। अब ऑटो टिप्पर, फिक्स्ड कॉम्पेक्टर, हुक लोडर और अन्य आधुनिक उपकरणों के माध्यम से इस व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल चरणबद्ध तरीके से पूरी दिल्ली में लागू किया जाएगा।
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परियोजना के तहत संकरी गलियों तक पहुंच के लिए 225 ई-रिक्शा, 550 मिनी टिपर, 52 कॉम्पैक्टर, 41 हुक लोडर, 28 टाटा 407, 10 डम्पर और छह बिन वॉशर लगाए गए हैं। 123 एफसीटीएस बिन भी व्यवस्था का हिस्सा होंगे। सरकार के अनुसार, इन संसाधनों से घर-घर से समयबद्ध और प्रभावी कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा।
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पूरी व्यवस्था की निगरानी जीपीएस आधारित वार रूम, सेंट्रल कंट्रोल रूम, ईएसबीएम ऐप, सीसीटीवी और हेल्पलाइन के माध्यम से की जाएगी। पारंपरिक ढलावों की जगह आधुनिक और गंध-मुक्त फिक्स्ड कॉम्पेक्शन ट्रांसफर स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं।
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह परियोजना पश्चिमी दिल्ली की स्वच्छता व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम है। वहीं पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अब कई क्षेत्रों में घरों से कचरा सुबह और शाम, दिन में दो बार उठाने की व्यवस्था की जाएगी। महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन और स्रोत पर कचरा पृथक्करण मजबूत होगा। उन्होंने बताया कि ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइटों पर बायोमाइनिंग और वेस्ट प्रोसेसिंग का काम भी तेजी से जारी है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। कार्यक्रम में निगमायुक्त संजीव खिरवार, पश्चिमी जोन अध्यक्ष हरीश ओबेरॉय, स्थानीय पार्षद उर्मिला चावला सहित निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।