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दिल्ली: डॉक्टरों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी, मरीजों का मचा हाहाकार, अस्पतालों में नहीं मिल रहा इलाज

Tue, 21 Dec 2021 10:24 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार Updated Tue, 21 Dec 2021 10:24 PM IST
सार

मुरादाबाद निवासी सतपाल सिंह को ब्लॉकेज बताया था और एक महीने पहले उन्हें मंगलवार को आने के लिए कहा था, लेकिन हड़ताल के चलते उनकी एंजियोग्राफी नहीं हो सकी।

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Doctors strike continues for fifth day patients are outraged hospitals are not getting treatment
रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से परेशान मरीज व परिजन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में डॉक्टरों की हड़ताल मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रही। इस दौरान मरीज इलाज के लिए परेशान होते रहे। वहीं रेजिडेंट डॉक्टर अपनी मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन करते रहे। डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से अब तक कई बड़े अस्पतलों के नियमित सर्जरी की सेवाएं भी प्रभावित रहीं। सरकारी अस्पतालों में एक दिन में लगभग दो हजार छोटी बड़ी सर्जरी नहीं हुईं। पिछले पांच दिनों में लगभग तीन हजार से ज्यादा ऑपरेशन रद्द करने पड़ गए हैं।

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मंगलवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में वरिष्ठ डॉक्टर दिखाई दिए, लेकिन बेड खाली पड़े रहे क्योंकि डॉक्टरों की संख्या बहुत कम थी। इमरजेंसी के बाहर और अंदर दोनों जगह मरीजों की संख्या कम थी। मुरादाबाद निवासी सतपाल सिंह को ब्लॉकेज बताया था और एक महीने पहले उन्हें मंगलवार को आने के लिए कहा था, लेकिन हड़ताल के चलते उनकी एंजियोग्राफी नहीं हो सकी। सतपाल के बेटे उन्हें हड़ताल खत्म होने तक दिल्ली में ही रखेंगे। उनका कोई रिश्तेदार दिल्ली में नहीं है। ऐसे में वे कोई धर्मशाला या रैनबसेरे में रुकने का विचार कर रहे हैं। 
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इसी तरह दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में भी मरीजों की संख्या कम रही। यहां कुछ बच्चों को तो इमरजेंसी के अंदर बुला लिया था, लेकिन कुछ को वापस भेज दिया गया। हड़ताल के चलते हिंदूराव अस्पताल, संजय गांधी आदि अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ गई। एम्स में भी मरीजों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। यहां डॉक्टरों का कहना है कि इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ी है इससे उनके काम का समय भी कई घंटों तक बढ़ा दिया गया है।
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जानकारी के अनुसार सफदरजंग अस्पताल, राम मनोहर लोहिया, सुचेता कृपलानी अस्पताल, कलावती सरन अस्पताल, लोकनायक अस्पताल, जीटीबी अस्पताल और जीबी पंत अस्पताल में सेवाएं बाधित रहीं। जबकि एम्स, अंबेडकर अस्पताल, संजय गांधी अस्पताल, हिंदूराव अस्पताल, कस्तूरबा गांधी अस्पताल, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में मरीजों को इलाज मिलता रहा।


स्वास्थ्य मंत्रालय के बाहर चलता रहा प्रदर्शन
राजधानी के करीब 500 रेजिडेंट डॉक्टरों ने मंगलवार को निर्माण विहार पहुंचकर प्रदर्शन किया। यहां केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ठीक सामने सुबह 10 बजे ही डॉक्टरों ने विरोध शुरू किया। डॉक्टरों ने फूल वापस करते हुए कहा कि कोरोना महामारी में पीएम मोदी ने फूलों से जिन डॉक्टरों का सम्मान करवाया था उसे वे वापस कर रहे हैं। हाथों में तख्तियां लेकर आये थे और नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान डॉक्टरों ने केंद्रीय स्वास्थय मंत्रालय का शर्ट पर पुतला जैसा बनाकर उसपर फूल बरसाए। फोरडा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर मनीष चौधरी का कहना है कि कोरोना काल में हम पर फूल बरसाए गए थे लेकिन सरकार अब हमारी मांगें नजरअंदाज कर रही है। ऐसे में हमने आज मंत्रालय को फूल वापसी की है। करीब शाम पांच बजे तक डॉक्टर वहां मौजूद रहे और फिर वापस चले गए। बुधवार को वे फिर से प्रदर्शन करेंगे।

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