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डॉक्टरों की राय: डेंगू का डी-2 स्ट्रेन ‘गंभीर’, जानलेवा हो सकता है इलाज में देरी
Thu, 28 Oct 2021 10:32 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 28 Oct 2021 10:32 PM IST
सार
दिल्ली में इस साल अब तक 1006 डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं जिनमें अकेले अक्तूबर के महीने में 665 मामले डेंगू के दर्ज किए गए हैं, यानी कुल 66 फीसदी मामले अक्तूबर में सामने आए हैं।
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डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली के अस्पतालों में इन दिनों डेंगू और बुखार के सबसे अधिक मामले देखने को मिल रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस बार डेंगू रोगियों में डी-2 स्ट्रेन देखने को मिल रहा है जो न सिर्फ काफी गंभीर होता है बल्कि अगर ऐसे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिले या फिर थोड़ी देरी होती है तो यह उसके लिए जानलेवा तक हो सकता है।
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नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के मेडिसिन विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉक्टर नीरज निश्चल बताते हैं कि एडिज का एक मच्छर कई लोगों को संक्रमित करता है क्योंकि यह मच्छर एक बार में तीन से चार लोगों को काटता है। एक मच्छर के कारण ही कई लोग संक्रमित हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि हर साल डेंगू के मामले आते हैं। इससे बचने के लिए सही समय पर सावधानी बरतना जरूरी है। अपने आसपास किसी भी चीज में पानी जमा न होने दें और पूरी बाजू के कपड़े पहनकर रखें।
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वहीं लोकनायक अस्पताल के डॉ. रमेश ने बताया कि डेंगू मरीजों में डी-2 स्ट्रेन देखने को मिल रहा है। यह काफी गंभीर स्ट्रेन में से एक है जो तेजी से हावी होता है। इसमें प्लेटलेट्स काफी तेजी से गिरने लगती हैं। साथ ही मरीज के शरीर में अंदर ही अंदर रक्तस्त्राव भी शुरू हो जाता है जो उक्त मरीज को गंभीर हालत में ले जाता है। इससे बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि पहले दिन से ही मरीज का ध्यान रखा जाए। डेंगू या फिर बुखार होने पर शुरू से ही उसे बेहतर इलाज दिया जाए और प्लेटलेट्स कम होने की नौबत तक न आने दिया जाए।
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दरअसल दिल्ली में इस साल अब तक 1006 डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं जिनमें अकेले अक्तूबर के महीने में 665 मामले डेंगू के दर्ज किए गए हैं, यानी कुल 66 फीसदी मामले अक्तूबर में सामने आए हैं। निगम के अनुसार अब तक दिल्ली में डेंगू से एक ही मरीज की मौत हुई है।