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Delhi: 31 मार्च तक यमुना डूब क्षेत्र से पूरी तरह हटे DMRC, हाईकोर्ट ने पूरी तरह से मशीनरी हटाने का दिया आदेश
Wed, 31 Dec 2025 02:31 AM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Wed, 31 Dec 2025 02:31 AM IST
सार
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को यमुना के डूब क्षेत्र से हटने के लिए 31 मार्च की डेडलाइन दी है। अदालत ने कहा कि मेट्रो अपना बैचिंग प्लांट और कास्टिंग यार्ड पूरी तरह हटा ले।
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दिल्ली हाईकोर्ट, Delhi High Court
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को यमुना के डूब क्षेत्र से हटने के लिए 31 मार्च की डेडलाइन दी है। अदालत ने कहा कि मेट्रो अपना बैचिंग प्लांट और कास्टिंग यार्ड पूरी तरह हटा ले। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 से डीएमआरसी को इस क्षेत्र का किसी भी तरह उपयोग करने से रोक लगा दी गई है।
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न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने अपने आदेश में यह आदेश दिए। अदालत ने यमुना डूब क्षेत्र में डीएमआरसी की बैचिंग प्लांट और कास्टिंग यार्ड संचालित करने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि 11 दिसंबर के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद क्षेत्र खाली करने पर कोई कार्रवाई न होना आश्चर्यजनक है। अदालत ने डीएमआरसी की समय बढ़ाने की अर्जी को स्वीकार करते हुए कहा, चूंकि डीएमआरसी दिल्ली शहर में महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट जैसे मेट्रो और सहायक विकास कार्यों में लगी है, इसलिए अपवादस्वरूप 31 मार्च 2026 तक मशीनरी, उपकरण, बैचिंग प्लांट और कास्टिंग यार्ड आदि को हटाने का समय दिया जाता है।
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अदालत ने सख्ती से निर्देश दिया कि कार्य पूरा होने के बाद डीएमआरसी बागवानी और वन विभाग के परामर्श से फ्लडप्लेन क्षेत्र को मूल स्थिति में बहाल करेगी। कोई मलबा, कचरा, मशीनरी के पुर्जे आदि नहीं छोड़े जाएंगे। क्षेत्र पूरी तरह साफ करके दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को सौंपा जाएगा। डीडीए को 10 अप्रैल 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया गया है।
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