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उपकरणों पर निर्भरता से बढ़ रहा है साइबर हमलों का खतरा: प्रो योगेश सिंह
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उपकरणों पर निर्भरता से बढ़ रहा है साइबर हमलों का खतरा : प्रो योगेश सिंह
-डीयू ने इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर के साथ मिलकर साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस कैंपेन का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आज हम पूरी तरह से मोबाइल, फोन, कंप्यूटर और इंटरनेट से जुड़े उपकरणों पर निर्भर हैं। उपकरणों पर निर्भरता के कारण साइबर हमलों का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में साइबर सतर्कता बहुत अहम मुद्दा है। दिल्ली विश्वविद्यालय कुलपति प्रो योगेश सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि यह बातें डीयू में साइबर सिक्योरिटी जागरूकता अभियान के समापन के अवसर पर कही।
डीयू की ओर से इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (14सी) गृह मंत्रालय के साथ मिलकर साइबर सतर्कता पर एक महीने का साइबर सिक्योरिटी जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान के समापन पर कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा, भारत साइबर हमलों वाले दुनिया के टॉप देशों यूएस और इंडोनेशिया के बाद तीसरे स्थान पर है। कुलपति ने बताया, इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम के डेटा के अनुसार 2025 में 1.8 मिलियन से भी अधिक साइबर घटनाएं ट्रैक हो चुकी हैं। ऐसे में हमें इस बारे में सोचने और हर दिन हर समय जागरूक रहने की जरूरत है। डीयू रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता ने कहा आयोजनों के साथ प्रैक्टिकल काम की भी जरूरत है। वहीं इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (14सी) के निदेशक निशांत कुमार ने सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न जानकारी देते हुए कहा कि सभी को साइबर स्वच्छता के विषय में भी जानना जरूरी है। उन्होंने कहा, हम लोग लालच, डर और लापरवाही से साइबर क्राइम को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने साइबर क्राइम का शिकार होने पर घबराने की बजाए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने की सलाह दी।
डीयू में यह जागरूकता अभियान एक महीने तक चला। बुधवार को इसके समापन समारोह की अध्यक्षता दिल्ली यूनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर (डीयूसीसी) के निदेशक प्रो संजीव सिंह ने की। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत डीयू कम्यूनिटी तक 1.32 करोड़ से ज्यादा साइबर जागरूकता संदेश भेजे गए, जिससे युवाओं को जानकारी और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के जरिए बढ़ते ऑनलाइन खतरों से निपटने में मदद मिली। समापन समारोह में विजेता छात्र फिल्म का प्रदर्शन व वाद-विवाद विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया।
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-डीयू ने इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर के साथ मिलकर साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस कैंपेन का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आज हम पूरी तरह से मोबाइल, फोन, कंप्यूटर और इंटरनेट से जुड़े उपकरणों पर निर्भर हैं। उपकरणों पर निर्भरता के कारण साइबर हमलों का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में साइबर सतर्कता बहुत अहम मुद्दा है। दिल्ली विश्वविद्यालय कुलपति प्रो योगेश सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि यह बातें डीयू में साइबर सिक्योरिटी जागरूकता अभियान के समापन के अवसर पर कही।
डीयू की ओर से इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (14सी) गृह मंत्रालय के साथ मिलकर साइबर सतर्कता पर एक महीने का साइबर सिक्योरिटी जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान के समापन पर कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा, भारत साइबर हमलों वाले दुनिया के टॉप देशों यूएस और इंडोनेशिया के बाद तीसरे स्थान पर है। कुलपति ने बताया, इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम के डेटा के अनुसार 2025 में 1.8 मिलियन से भी अधिक साइबर घटनाएं ट्रैक हो चुकी हैं। ऐसे में हमें इस बारे में सोचने और हर दिन हर समय जागरूक रहने की जरूरत है। डीयू रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता ने कहा आयोजनों के साथ प्रैक्टिकल काम की भी जरूरत है। वहीं इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (14सी) के निदेशक निशांत कुमार ने सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न जानकारी देते हुए कहा कि सभी को साइबर स्वच्छता के विषय में भी जानना जरूरी है। उन्होंने कहा, हम लोग लालच, डर और लापरवाही से साइबर क्राइम को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने साइबर क्राइम का शिकार होने पर घबराने की बजाए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने की सलाह दी।
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डीयू में यह जागरूकता अभियान एक महीने तक चला। बुधवार को इसके समापन समारोह की अध्यक्षता दिल्ली यूनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर (डीयूसीसी) के निदेशक प्रो संजीव सिंह ने की। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत डीयू कम्यूनिटी तक 1.32 करोड़ से ज्यादा साइबर जागरूकता संदेश भेजे गए, जिससे युवाओं को जानकारी और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के जरिए बढ़ते ऑनलाइन खतरों से निपटने में मदद मिली। समापन समारोह में विजेता छात्र फिल्म का प्रदर्शन व वाद-विवाद विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया।
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