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संगम विहार में 100 घरों को तोड़ने की कार्रवाई अमानवीय: कांग्रेस
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नई दिल्ली। देवली विधानसभा में संगम विहार के बांध रोड़ स्थित शनि बाजार इलाके में 100 से अधिक मकानों को तोड़ने पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार ने दिल्ली सरकार पर हमला बोला है। मकानों को तोड़ने की इस घटना को अमानवीय करार देते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों से रह रहे लोगों के आशियाने क्यों उजाड़ दिए गए। उन्होंने इस मामले में उपराज्यपाल से मिलने का समय मांगा है।
उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर भरोसा दिया कि उनके अधिकारों और न्याय की लड़ाई में कांग्रेस हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्रवाई उनके वायदे की पोल खोल देती है कि गरीबों को पक्का मकान बनाकर देंगे। सरकार तो इसके उलट, 40 साल पुराने पक्के मकानों को तोड़ रही है।
उन्होंने कहा कोर्ट के आदेश के बगैर केवल विधायक प्रकाश जारवाल की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने दिल्ली सरकार से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा देने के साथ जल्द से जल्द मकानों का निर्माण करवाएं। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों ने भी विधायक के खिलाफ कई तरह के आरोप लगाए हैं। चाहे पानी के लिए बोरिंग हो या कोई और काम बगैैर रिश्वत नहीं होता।
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अनिल कुमार ने कहा कि तोड़े गए मकानों में से एक घर में शादी का समारोह था तो दो बच्चे तेज बुखार से पीड़ित थे, जिन्हें अब कोविड-19 महामारी के दौरान खुले में रहना होगा। केजरीवाल सरकार कोरोना महामारी के दौरान भी लोगों को प्रताड़ित कर रही है। कोविड-19 महामारी के मामले बढ़ रहे हैं तो इस बीच गरीबों के घरों को उजाड़ा जा रहा है।
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उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर भरोसा दिया कि उनके अधिकारों और न्याय की लड़ाई में कांग्रेस हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कार्रवाई उनके वायदे की पोल खोल देती है कि गरीबों को पक्का मकान बनाकर देंगे। सरकार तो इसके उलट, 40 साल पुराने पक्के मकानों को तोड़ रही है।
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उन्होंने कहा कोर्ट के आदेश के बगैर केवल विधायक प्रकाश जारवाल की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने दिल्ली सरकार से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा देने के साथ जल्द से जल्द मकानों का निर्माण करवाएं। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों ने भी विधायक के खिलाफ कई तरह के आरोप लगाए हैं। चाहे पानी के लिए बोरिंग हो या कोई और काम बगैैर रिश्वत नहीं होता।
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अनिल कुमार ने कहा कि तोड़े गए मकानों में से एक घर में शादी का समारोह था तो दो बच्चे तेज बुखार से पीड़ित थे, जिन्हें अब कोविड-19 महामारी के दौरान खुले में रहना होगा। केजरीवाल सरकार कोरोना महामारी के दौरान भी लोगों को प्रताड़ित कर रही है। कोविड-19 महामारी के मामले बढ़ रहे हैं तो इस बीच गरीबों के घरों को उजाड़ा जा रहा है।