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डीयू : कोरोना के चलते परीक्षा न दे पाने वालों को अतिरिक्त मौका, 7 जून को समय पर होगा एग्जाम
Mon, 31 May 2021 12:02 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 31 May 2021 12:02 AM IST
सार
डीयू परीक्षा विभाग का कहना है कि छात्रों की दिक्कतों को समझते हुए उन्हें सुविधा दी जाएगी। किसी भी रैगुलर और नॉन रैगुलर छात्रों का साल खराब नहीं होने दिया जाएगा।
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दिल्ली यूनिवर्सिटी
विस्तार
वैश्विक महामारी कोविड-19 की दूसरी लहर को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन कोरोना प्रभावित छात्रों को परीक्षा का एक अन्य मौका देने जा रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के शैक्षणिक सत्र 2020-21 परीक्षा के लिए नए दिशा-निर्देशों का इंतजार कर रहा है।
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दरअसल यूजीसी ने 2019 सत्र की परीक्षा में कोरोना संक्रमण और कंटेनमेंट जोन वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा की अनुमति दी थी। लेकिन अभी तक यूजीसी ने नया दिशा-निर्देश नहीं दिया है। वहीं, डीयू परीक्षा विभाग का कहना है कि छात्रों की दिक्कतों को समझते हुए उन्हें सुविधा दी जाएगी। किसी भी रैगुलर और नॉन रैगुलर छात्रों का साल खराब नहीं होने दिया जाएगा।
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दिल्ली विश्वविद्यालय 7 जून से रैगुलर और नॉन रेगुलर की ओपन बुक परीक्षा की तैयारी में जुटा है। परीक्षा की डेट में किसी भी प्रकार में बदलाव नहीं किया जाएगा। छात्र और शिक्षक संगठन बेशक कोरोना के चलते परीक्षा स्थगित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में छात्र समय से परीक्षा आयोजित करने के लिए प्रशासन को पत्र भी लिख रहे हैं। उनका मानना है कि तैयारी पूरी हो चुकी है। परीक्षा आयोजित होने से लेकर रिजल्ट जारी होने से उनका अगला दाखिला प्रभावित नहीं होगा।
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पिछले साल 91 फीसदी छात्र शामिल
दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा 2020 में आयोजित पहली ओपन बुक परीक्षा में 91 फीसदी छात्र शामिल हुए थे। हालांकि उस समय कोरोना हालात अलग थे। इस बार कोरोना की दूसरी लहर में देशभर में संक्रमण दर अधिक थी। लेकिन परीक्षा आगे नौकरी और उच्च शिक्षा की मैरिट के लिए जरूरी है। इसीलिए विश्वविद्यालय प्रशासन भी उम्मीद कर रहा है कि छात्रों की संख्या इस बार कम हो सकती है। सामान्य समय में परीक्षा में छात्रों की उपस्थिति 90 से 95 फीसदी तक रहती है।
छात्रों का एक साल खराब नहीं होने दिया जाएगा
यूजीसी के नए दिशा-निर्देशों का इंतजार है। छात्र, शिक्षक और उनके परिवार कोरोना संक्रमण से जुझ रहे हैं। इसलिए ऐसे छात्रों को दूसरा मौका दिया जाएगा। किसी भी छात्र का एक साल खराब नहीं होगा। उसके लिए योजना बन रही है। हालांकि मैं सभी छात्रों से अपील करता हूं कि उच्च शिक्षा और विदेशों में दाखिले के लिए वे ओबीई माध्यम से आयोजित होने वाली परीक्षा में शामिल हों, ताकि समय से रिजल्ट जारी किया जा सके।
-प्रो. अजय कुमार अरोड़ा, ओएसडी, परीक्षा विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय।
-प्रो. अजय कुमार अरोड़ा, ओएसडी, परीक्षा विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय।