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दिल्ली: परिवहन विभाग ने 15 साल पुराने पेट्रोल व 10 साल पुराने डीजल वाहन न चलाने की दी सलाह
Mon, 30 Aug 2021 11:42 PM IST
सुशील कुमार कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Mon, 30 Aug 2021 11:42 PM IST
सार
विभाग ने बताया कि 10 से 15 साल के वाहनों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त किया जा सकता है, ताकि उन्हें उन राज्यों में पंजीकृत किया जा सके जहां इसकी अनुमति है।
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सड़कों पर गाड़ी
- फोटो : शुभम बंसल
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विस्तार
दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने सोमवार को लोगों को 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहन न चलाने की सलाह दी है। विभाग ने एक सार्वजनिक नोटिस में स्पष्ट किया है कि सभी प्रकार के वाहनों के पंजीकरण प्रमाण पत्र 15 साल के लिए वैध है। लेकिन दिल्ली में डीजल वाहन 10 साल से अधिक नहीं चल सकता है।
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विभाग ने बताया कि 10 से 15 साल के वाहनों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त किया जा सकता है, ताकि उन्हें उन राज्यों में पंजीकृत किया जा सके जहां इसकी अनुमति है। परिवहन विभाग ने नोटिस में कहा है कि 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के मालिक दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर गाड़ी न चलाएं। अधिकृत स्क्रैपर्स के यहां इन गाड़ियों का जीवन खत्म कर दें। साथ ही विभाग ने डीजल और पेट्रोल वाहनों को आजीवन जब्त करने के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का भी हवाला दिया।
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केंद्र सरकार ने अपनी स्वैच्छिक वाहन स्क्रैपिंग नीति में फिटनेस टेस्ट पास करने पर पुराने वाहनों को चलाने की अनुमति दी है। नीति में निजी वाहनों के लिए 20 साल के बाद फिटनेस टेस्ट का प्रावधान है, जबकि वाणिज्यिक वाहनों को 15 साल पूरे होने के बाद इसकी आवश्यकता होती है। एक करोड़ से अधिक पंजीकृत वाहनों में से लगभग 37 लाख दोपहिया सहित दिल्ली में एंड-ऑफ-लाइफ वाहन हैं। इनमें से कई सड़कों पर चलते हैं, जिससे प्रदूषण होता है।
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