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दिल्ली दंगा: पुलिस की हाईकोर्ट में दलील- शाहरुख पठान के परिवार का आपराधिक इतिहास, गवाहों को कर सकता है प्रभावित

Thu, 17 Mar 2022 07:04 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Thu, 17 Mar 2022 07:04 AM IST
सार

पुलिस ने कहा कि जमानत मिलने पर आरोपी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर गवाहों को प्रभावित कर सकता है। हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर पेश जवाब में पुलिस ने कहा कि पठान अवैध हथियार और गोला-बारूद रखने के मामलों में लिप्त रहा है।

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Delhi riots: Police plea in High Court Shahrukh Pathan family criminal history may affect witnesses
शाहरुख पठान - फोटो : amar ujala

विस्तार

दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में 2020 दंगों के दौरान एक पुलिसकर्मी पर पिस्टल तानने के आरोपी शाहरुख पठान की जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया है। पुलिस ने तर्क दिया कि पठान के परिवार का आपराधिक इतिहास रहा है और उसे अपने गलत कार्यों का कोई पछतावा नहीं है।

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पुलिस ने कहा कि जमानत मिलने पर आरोपी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर गवाहों को प्रभावित कर सकता है। हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर पेश जवाब में पुलिस ने कहा कि पठान अवैध हथियार और गोला-बारूद रखने के मामलों में लिप्त रहा है। आरोपी ने सरेआम एक पुलिसकर्मी और आम लोगों पर गोली चलाने का प्रयास किया है और वह इस तरह के आपराधिक कृत्य को दोबारा से अंजाम दे सकता है।

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पुलिस ने कहा कि आरोपी पठान दंगो के एक अन्य मामले में भी आरोपी है और उस मामले में भी उसे जमानत देने से इनकार कर दिया गया है। पुलिस ने कहा कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पठान फरार हो गया था और अदालत ने उसकी कई जमानत याचिकाओं को अब तक खारिज कर दिया है।

गुलफिशा फातिमा, तसलीम की जमानत याचिका खारिज

अदालत ने बुधवार को दिल्ली दंगों के आरोपी गुलफिशा फातिमा और तसलीम अहमद की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपियों पर गंभीर आरोप है और वर्तमान में जमानत प्रदान करना उचित नहीं है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने फैसले में कहा कि आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं के अलावा यूएपीए अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज है। आरोप की गंभीरता को देखते हुए जमानत का आधार नहीं है।

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