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MCD : सदन में हंगामा करने वाले सदस्यों पर कार्रवाई संभव, जानकारी के लिए एलजी ने पीठासीन अधिकारी को बुलाया
Thu, 12 Jan 2023 06:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा
विनोद डबास, नई दिल्ली
विनोद डबास, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 12 Jan 2023 06:45 AM IST
सार
दरअसल, इस मामले में उपराज्यपाल वीके सक्सेना सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने एमसीडी की रिपोर्ट मिलने के बाद पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा को घटनाक्रम की जानकारी देने के लिए तलब किया है।
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- फोटो : Agency
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विस्तार
एमसीडी के सदन में हंगामा, तोड़फोड़ और मारपीट करने वाले सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई के आसार बढ़ गए हैं। दरअसल, इस मामले में उपराज्यपाल वीके सक्सेना सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने एमसीडी की रिपोर्ट मिलने के बाद पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा को घटनाक्रम की जानकारी देने के लिए तलब किया है।
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इससे संभावना जताई जा रही है कि सदन में हंगामा, तोड़फोेड़ व मारपीट के मामले में शामिल सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई होगी। अन्यथा उपराज्यपाल सदन की बैठक की तिथि तय कर देते, क्योंकि एमसीडी ने उनसे केवल सदन की बैठक की तिथि तय करने का आग्रह किया है। इसके अलावा पीठासीन अधिकारी ने भी अब तक किसी भी सदस्य के खिलाफ कार्रवाई के लिए उपराज्यपाल को पत्र नहीं लिखा है।
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सूत्रों के अनुसार उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने खुद संदेश देकर पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा को मिलने के लिए बुलाया है। बताया जा रहा है कि उपराज्यपाल उनसे सदन में हुए घटनाक्रम के संबंध में बिंदुवार जानकारी लेंगे, क्योंकि उपराज्यपाल ने उनको बीते छह जनवरी को सदन की बैठक में नवनिर्वाचित और मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाने और महापौर का चुनाव कराने के लिए नियुक्त किया था।
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इस कारण उनकी ओर से दी जाने वाली जानकारी सबसे महत्वपूर्ण है और उपराज्यपाल उनसे बात करने के बाद आगामी कार्रवाई करेंगे। दरअसल, शपथ दिलाने की कार्यवाही शुरू होते ही बैठक में हंगामा हो गया था और सदन की बैठक में न तो पार्षदों को शपथ दिलाई जा सकी थी और न ही महापौर का चुनाव हो सका था।
सूत्राें के मुताबिक एमसीडी सदन की बैठक में हंगामा होने के बारे में पीठासीन अधिकारी ने तभी उपराज्यपाल को अवगत करा दिया था और उनके निर्देश पर ही पीठासीन अधिकारी ने बैठक अगली तारीख तक स्थगित की थी। हालांकि उन्होंने छह जनवरी के बाद उपराज्यपाल से किसी भी माध्यम से संपर्क नहीं साधा है। इसके अलावा उन्होंने सदन में हुए हंगामा, तोड़फोड़ व मारपीट होने के मामले में अभी तक लिखित में कोई रिपोर्ट दी है।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
दूसरी ओर एमसीडी के सदन की बैठक में मामले में हंगामा, तोड़फोड़ व मारपीट के मामले में आम आदमी पार्टी और भाजपा ने एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने का अभियान शुरू कर रखा है। उनके नेता सड़कों पर उतरकर एक-दूसरे पर संविधान का उल्लंघन का आरोप लगा रहे है। इसके अलावा आप नेता इस मामले के लिए उपराज्यपाल को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगा रहे है। वहीं भाजपा के प्रवक्ता प्रवीन शंकर कपूर ने सदन के घटनाक्रम के लिए आप विधायकों को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें निलंबित करने की मांग के संबंध में उपराज्यपाल को पत्र लिखा है।
एमसीडी ने एलजी को भेजी थी रिपोर्ट
उधर, एमसीडी ने सदन की बैठक के संबंध में दो दिन पहले उपराज्यपाल को रिपोर्ट भेज दी थी। एमसीडी ने सदन में हंगामा, तोड़फोड़ व मारपीट होने के मामले में कार्रवाई करने की मांग के बजाय केवल बैठक की तिथि करने का आग्रह किया है। हालांकि एमसीडी ने घटना का बिंदुवार ब्योरा दिया है। इस कारण उपराज्यपाल ने पूरे मामले में चर्चा करने के लिए पीठासीन अधिकारी को तलब किया है।