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दिल्ली: इस बार प्रदूषण पर नहीं लग पाया 'लॉकडाउन', नियमों में मिली छूट ने किया नुकसान
Sun, 06 Jun 2021 10:24 AM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 06 Jun 2021 10:24 AM IST
सार
एक स्टडी में दावा किया गया है कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण के लिए लगाया गया लॉकडाउन पिछली बार की तरह इस बार प्रदूषण पर उतना असरदार नहीं रहा। इस बार राजधानी के प्रदूषण स्तर में 2020 की तरह कमी नहीं देखी गई।
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- फोटो : ANI
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विस्तार
कोरोना महामारी से बचने के लिए पिछले साल लगे लॉकडाउन का प्रदूषण पर भारी असर दिखा था। इस बार भी कोरोना से निपटने के लिए लॉकडाउन लगा लेकिन प्रदूषण पर इसका कोई खासा असर देखने को नहीं मिला। दिल्ली की थिंक टैंक सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) का दावा है कि पिछले साल के मुताबिक इस बार के लॉकडाउन से दिल्ली के प्रदूषण में खासा कमी देखने को नहीं मिली है।
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सीएसई की एक स्टडी में कहा गया है कि इस साल भी लॉकडाउन के दौरान पीएम स्तर 2.5 पहुंच गया, लेकिन चूंकि लॉकडाउन की अवधि भी कम थी और प्रतिबंध भी पिछली बार की तरह कड़े नहीं थे, इसलिए प्रदूषण स्तर 2020 की तरह कम नहीं रह पाया।
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छह से 19 अप्रैल के बीच लागू आंशिक लॉकडाउन के कारण दिल्ली के प्रदूषण स्तर में 20 प्रतिशत की गिरवट आई थी। इसके बाद 20 अप्रैल से लगे पूर्ण लॉकडाउन के दौरान इसमें और 12 प्रतिशत की कमी आ गई।
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प्रदूषण के इस स्तर के लिए मौसम विज्ञान आंशिक रूप से जिम्मेदार हो सकता है, लेकिन इस महामारी के दौरान शहर में कमजोर प्रदूषण नियंत्रण उपायों और प्रयासों का परिचायक भी हो सकता है। इस बार तो यातायात की आवाजाही भी पिछले साल की तुलना में अधिक रही।
बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अपर निदेशक डॉ. सुशील कुमार त्यागी ने बताया था कि दिल्ली में गर्मी के दिनों में पश्चिम की ओर से हवाएं चलती हैं। यही वजह है कि राजस्थान से आने वाली धूलभरी आंधी के साथ पीएम 10 व पीएम 2.5 कण दिल्ली में डेरा डाले रहते हैं।
वहीं, इसके उलट सर्दी में हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम की ओर हो जाती है। उस समय पंजाब व हरियाणा में जलने वाली पराली का धुआं दिल्ली की ओर रुख करता है। वहीं, वेंटिलेशन इंडेक्स कम होने के से भी सांसों का अधिक संकट हो जाता है।