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Delhi News: बोर्ड परीक्षा के डर से घर छोड़कर पहुंचा हरिद्वार, दिल्ली पुलिस ने कई बच्चों को ढूंढ निकाला

Thu, 09 Apr 2026 07:46 AM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Rahul Kumar Tiwari Updated Thu, 09 Apr 2026 07:46 AM IST
सार

दिल्ली में तनाव और परीक्षा के दबाव से नाबालिगों के घर छोड़ने के मामले बढ़ रहे हैं। पुलिस ने हाल ही में चार बच्चों को ढूंढकर परिजनों को सौंपा, जिनमें एक किशोर बोर्ड परीक्षा के डर से घर छोड़कर हरिद्वार पहुंच गया था।

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Delhi Police handed over four minors who left home due to exams and mental stress to their families
सांकेतिक  - फोटो : सांकेतिक

विस्तार

राजधानी दिल्ली में नाबालिगों के घर छोड़ने की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। छोटी-छोटी बातों, परीक्षा के दबाव और घरेलू समस्याओं से परेशान होकर बच्चे घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। हाल ही में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अलग-अलग मामलों में चार नाबालिगों को ढूंढकर सुरक्षित उनके परिजनों को सौंपा है। 

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हाल ही में बवाना इलाके का 17 वर्षीय किशोर 12वीं की बोर्ड परीक्षा छूटने के डर से 18 मार्च को घर छोड़कर चला गया था। वह हरिद्वार पहुंच गया, जहां कुछ दिन बिताने के बाद दिल्ली लौटा, लेकिन घर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। बाद में उसने बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में एक फैक्टरी में काम शुरू कर दिया। पुलिस की एएचटीयू टीम ने उसे ढूंढकर परिजनों को सौंप दिया।
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इसी तरह बुराड़ी की 17 वर्षीय किशोरी घरेलू विवाद के कारण घर छोड़कर देवघर चली गई थी। पुलिस ने उसे लेबर चौक के पास से बरामद किया। वहीं एक अन्य किशोरी माता-पिता के तलाक से परेशान होकर घर छोड़कर सुल्तानपुरी में रिश्तेदार के यहां रहने लगी थी, जिसे भी पुलिस ने खोज निकाला। वजीराबाद की 16 वर्षीय लड़की एक युवक के साथ संबंध के चलते घर से निकलकर वैष्णो देवी पहुंच गई थी, जहां दोनों ने शादी कर ली। पुलिस ने उन्हें करोल बाग मेट्रो स्टेशन के पास से ढूंढ निकाला।
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समस्याओं से भागने के बजाय परिवार से खुलकर बात करें : विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध) के देवेश चंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां बच्चे मामूली कारणों से घर छोड़ देते हैं। पुलिस न केवल उन्हें ढूंढकर परिजनों तक पहुंचाती है, बल्कि उनकी काउंसलिंग भी 
कराती है।

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