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दिल्ली: फर्जी नोटिस भेजने के मामले में तीन गिरफ्तार, पॉर्न देखने के लिए जुर्माना भरने की देते थे धमकी, करोड़ों की वसूली की आशंका

Mon, 26 Jul 2021 12:36 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Mon, 26 Jul 2021 12:36 PM IST
सार

मुख्य सरगना कम्बोडिया में बैठकर वसूली का धंधा चला रहा था। भारतीय इंटरनेट यूजर को पोर्नोग्राफी देखने की बात कर पुलिस का फर्जी नोटिस भेजकर जुर्माने के नाम पर तीन हजार रुपये वसूले जाते थे।

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Delhi Police cyber cell arrested 3 persons for sending fake notices Threatened to pay money as fine for watching porn
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

कंप्यूटर ब्राउजिंग के दौरान पार्नोग्राफी (अश्लील सामग्री) देखने की बात कर जबरन वसूली करने वाले गिरोह का दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस संबंध में भारतीय मास्टर माइंड बी-धिनूशानाथ और इसके दो साथी गेबरियाल जेम्स व रामकुमार सेलवम को गिरफ्तार किया है। 

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मुख्य सरगना कम्बोडिया में बैठकर वसूली का धंधा चला रहा था। भारतीय इंटरनेट यूजर को पोर्नोग्राफी देखने की बात कर पुलिस का फर्जी नोटिस भेजकर जुर्माने के नाम पर तीन हजार रुपये वसूले जाते थे। वसूले गए रुपयों को अलग-अलग खातों में मंगाकर उनको बिटक्वाइन में बदल दिया जाता था। बाद में इन बिटक्वाइन को कम्बोडिया में ट्रांसफर कर दिया जाता था। 
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फिलहाल आरोपियों ने एक हजार से अधिक लोगों को चूना लगाया है। करोड़ों की ठगी की आशंका है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों की ट्रांजिट रिमांड लेकर दिल्ली लाया जा रहा है। साइबर सेल के पुलिस उपायुक्त अन्येश रॉय ने बताया कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर नजर रखने के दौरान कुछ लोगों ने पोर्नोग्राफी देखने के नाम पर ठगी का आरोप लगाया। 
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सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा था कि इन्होंने कभी भी पोर्न वीडियो न तो ब्राउज किए और न ही कभी देखे थे। इसके बावजूद इनके पास पॉपअप के जरिये नोटिस भेज दिए गए। नोटिस पर पुलिस का लोगो लगा था। उसमें विंडो ऑपरेशन और कंप्यूटर की सभी फाइलों को ब्लॉक करने की बात की गई। कार्रवाई से बचने के लिए विभिन्न यूपीआई मोड से तीन हजार रुपये पेमेंट करने की बात की गई। 

इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों लोगों से देशभर में इस तरह के मैसेज भेजे गए और जबरन वसूली हुई। साइबर सेल ने इस संबंध में स्वत संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच के दौरान सारे पॉपअप मैसेज फर्जी मिले। पुलिस की टीम ने पॉपअप मैसेज का सोर्स पता किया तो वह कम्बोडिया का मिला। इसके बाद जिन खातों में रकम को ट्रांसफर किया गया था, उन जगहों का पता किया गया।

छानबीन में पता चला कि तमिलनाडू में गोरखधंधा हो रहा है। फौरन एक टीम को तमिलनाडू रवाना किया गया। वहां पहुंचने पर टीम को पता चला कि आरोपियों ने फर्जी पतों पर खाते खोले हुए हैं। एक सप्ताह के दौरान करीब दो हजार किलोमीटर की खाक छानने के दौरान टीम को आरोपियों की लोकेशन का पता चला। इस दौरान टीम ने चेन्नई, त्रिची समेत अन्य स्थानों पर छापेमारी की। 

बाद में आरोपी धिनूशानाथ उर्फ धीनू को गिफ्तार कर लिया। इसके बाद बाकी दोनों आरोपी गेबरियल जेम्स और रामकुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल इनके 20 खातों का पता चला है, जिसमें ठगी की रकम आती थी। धिनूशानाथ का भाई बी. चंदरकांत उर्फ चंद्रू व गैंग का सरगना कम्बोडिया में बैठकर पूरे गोरखधंधे को चला रहा है। भारत में उसका भाई धिनूशानाथ संभाल रहा था।

ऐसे की जाती थी हाईटेक ठगी
आरोपी कंप्यूटर यूजर को पॉपअप मैसेज भेजते थे। कंप्यूटर यूजर से कहा जाता था कि भारत में पोर्नोग्राफी देखना प्रतिबंधित है। यूजर से कहा जाता था कि पोर्नोग्राफी साइट पर बार-बार आने के कारण उनको ब्लॉक किया गया है। यूजर का पता, उसका नाम और अन्य जानकारी पुलिस ने रिकॉर्ड की है। अब भारतीय आंतरिक मंत्रालय के संघीय नंबर पर जुर्माना चुकाने की आवश्यकता है। आरोपी पुलिस के लोगो के साथ भेजे गए अपने नोटिस में यूपीआई लिंक का पता भी भेजते थे। जुर्माना चुकान पर ब्लॉक की गई विंडो व बाकी सामग्री को अनब्लॉक करने की बात की जाती थी। लोग डर की वजह से रकम चुका देते थे।

दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में काम करते हैं पकड़े गए तीनों आरोपी
मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि भारतीय सरगना बी-धिनूशानाथ डिप्लोमा इंजीनियरिंग किए हुए है। वह दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में प्रोडक्शन मैनेजर का काम करता है। वहीं रामकुमार असिस्टेंट डाइरेक्टर का काम करता है। जेम्स भी फिल्मों से जुड़ा है। कोरोना कॉल में काम बंद होने के बाद इन लोगों ने फरवरी से जून के दौरान एक हजार से ज्यादा लोगों को चूना लगाया। ये लोग ठगी की रकम को भारतीय बैंक खातों में मंगा लेते थे। इसके बाद इस रकम से बिटक्वाइन खरीदकर कम्बोडिया में बैठे बी-चंदरकांत के खाते में भेज दिए जाते थे। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

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