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दिल्ली: एक हजार करोड़ की ठगी करने वाला जालसाज बिल्डर गिरफ्तार, पुलिस ने 11 हजार किमी की दूरी तय कर पकड़ा
Sat, 26 Mar 2022 10:10 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 26 Mar 2022 10:10 AM IST
सार
दिल्ली पुलिस ने एक हजार करोड़ की ठगी करने वाला जालसाज बिल्डर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ दिल्ली, एनसीआर, यूपी व पंजाब में मामले दर्ज हैं। पुलिस ने 11 हजार किमी की दूरी तय कर गिरफ्तार किया है।
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जालसाज बिल्डर गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तरी जिला पुलिस ने करीब एक हजार करोड़ रुपये की ठगी करने वाले बिल्डर जालसाज व भू माफिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी एक ही फ्लैट को कई लोगों को बेच देता था। आरोपी के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर, यूपी, पंजाब में 39 से ज्यादा ठगी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बिल्डर जालसाज पीयूष तिवारी(42) को 11 हजार किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। आरोपी की पत्नी पहले ही गिरफ्तार हो चुकी है और जेल में है।
उत्तरी जिला डीसीपी सागर सिंह कलसी के अनुसार आरोपी पीयूष तिवारी के खिलाफ वर्ष 2017 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा था। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने आरोपी की की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
आरोपी के खिलाफ दिल्ली में आर्थिक अपराध शाखा, तिलक मार्ग, मयूर विहार, फर्श बाजार, पांडव नगर, आनंद विहार और कृष्णा नगर के अलावा उत्तरप्रदेश, पंजाब आदि जगहों पर 39 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। यूपी में ही 15 से ज्यादा मामला दर्ज हैं। आरोपी ने नोएडा में एक ही फ्लैट को कई लोगों को बेचकर लोगों से करोड़ों रुपए की ठग लिए।
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उत्तरी जिले में तैनात एसीपी जयपाल सिंह की देखरेख में एएटीएस प्रभारी एसआई नरेश कुमार व संदीप की टीम आरोपी की तलाश कर रही थी। एएटीएस में तैनात हवलदार ओमप्रकाश को 20 मार्च को सूचना मिली थी कि पीयूष महाराष्ट्र में कहीं छिपा हुआ है। पुलिस टीम को जांच में पता लगा कि आरोपी नासिक में नाम बदलकर रह रहा है। वहां पर वह प्याज का कारोबार कर रहा है।
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उत्तरी जिला डीसीपी सागर सिंह कलसी के अनुसार आरोपी पीयूष तिवारी के खिलाफ वर्ष 2017 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा था। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने आरोपी की की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
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आरोपी के खिलाफ दिल्ली में आर्थिक अपराध शाखा, तिलक मार्ग, मयूर विहार, फर्श बाजार, पांडव नगर, आनंद विहार और कृष्णा नगर के अलावा उत्तरप्रदेश, पंजाब आदि जगहों पर 39 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। यूपी में ही 15 से ज्यादा मामला दर्ज हैं। आरोपी ने नोएडा में एक ही फ्लैट को कई लोगों को बेचकर लोगों से करोड़ों रुपए की ठग लिए।
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उत्तरी जिले में तैनात एसीपी जयपाल सिंह की देखरेख में एएटीएस प्रभारी एसआई नरेश कुमार व संदीप की टीम आरोपी की तलाश कर रही थी। एएटीएस में तैनात हवलदार ओमप्रकाश को 20 मार्च को सूचना मिली थी कि पीयूष महाराष्ट्र में कहीं छिपा हुआ है। पुलिस टीम को जांच में पता लगा कि आरोपी नासिक में नाम बदलकर रह रहा है। वहां पर वह प्याज का कारोबार कर रहा है।
वहां पर वह पुनीत भारद्वाज के नाम से रह रहा था। पुलिस ने करीब 11 हजार किमी की दूरी तय कर नासिक से पीयूष तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह दिल्ली से फरार होकर दक्षिण भारत चला गया था। वहां वह कारोबार करने लगा था। वहां से ये नासिक चला गया था।
आयकर विभाग की रेड के बाद ठगना शुरू कर दिया
आरोपी पीयूष ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने वर्ष 2011 में बिल्डर के रूप में अपना व्यवसाय करना शुरू किया। उसने वर्ष 2018 तक 15 से 20 शेल कंपनी के साथ करीब आठ कंपनियां बनाई। वर्ष 2018 में इसके घर में आयकर विभाग की रेड़ पड़ी।
आयकर विभाग ने इसके घर से 120 करोड़ रुपये जब्त किए थे। इसके बाद इसका बिल्डर का कारोबार चौपट हो गया। इसके बाद इसने ठगना शुरू किया। वह एक ही फ्लैट को कई लोगों को बेचकर ठगी करने लगा था। इसके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए। पुलिस ने दर्ज मामलों में उसे भगोड़ा बदमाश घोषित कर दिया था।
आरोपी ऐसे ठगी करता था
पीयूष तिवारी उर्फ पुनीत भारद्वाज ने कॉमस में स्नातक किया हुआ है। ये ओमेक्स फॉरेस्ट स्पा, सेंटर-93बी, नोएडा, यूपी में रहता था। शुरूआत में इसने दिल्ली/एनसीआर में एक विज्ञापन एजेंसी शुरू की। बाद में उसने इस एजेंसी को बेच दिया और नोएडा, यूपी में फ्लैट बनाने में पैसा लगाया और संपत्ति की बिक्री/खरीद के बहाने भोले-भाले लोगों को धोखा देना शुरू कर दिया। उसने एक फ्लैट को कई खरीदारों को बेच दिया और सभी पैसा ले लिया। मामला दर्ज होने के बाद ये दक्षिण भारत व वहां से नासिक भाग गया था।
आयकर विभाग की रेड के बाद ठगना शुरू कर दिया
आरोपी पीयूष ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने वर्ष 2011 में बिल्डर के रूप में अपना व्यवसाय करना शुरू किया। उसने वर्ष 2018 तक 15 से 20 शेल कंपनी के साथ करीब आठ कंपनियां बनाई। वर्ष 2018 में इसके घर में आयकर विभाग की रेड़ पड़ी।
आयकर विभाग ने इसके घर से 120 करोड़ रुपये जब्त किए थे। इसके बाद इसका बिल्डर का कारोबार चौपट हो गया। इसके बाद इसने ठगना शुरू किया। वह एक ही फ्लैट को कई लोगों को बेचकर ठगी करने लगा था। इसके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए। पुलिस ने दर्ज मामलों में उसे भगोड़ा बदमाश घोषित कर दिया था।
आरोपी ऐसे ठगी करता था
पीयूष तिवारी उर्फ पुनीत भारद्वाज ने कॉमस में स्नातक किया हुआ है। ये ओमेक्स फॉरेस्ट स्पा, सेंटर-93बी, नोएडा, यूपी में रहता था। शुरूआत में इसने दिल्ली/एनसीआर में एक विज्ञापन एजेंसी शुरू की। बाद में उसने इस एजेंसी को बेच दिया और नोएडा, यूपी में फ्लैट बनाने में पैसा लगाया और संपत्ति की बिक्री/खरीद के बहाने भोले-भाले लोगों को धोखा देना शुरू कर दिया। उसने एक फ्लैट को कई खरीदारों को बेच दिया और सभी पैसा ले लिया। मामला दर्ज होने के बाद ये दक्षिण भारत व वहां से नासिक भाग गया था।