दिल्ली : अपने ही घर में आने से हिचक रहे हैं लोग, 40 फीसदी ने लौटाए आवंटिक डीडीए फ्लैट
- सुविधाएं न होने के कारण बढ़ी परेशानी, मजबूरी में अनधिकृत कालोनियों का सहारा
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राजधानी में आशियाना बनाना बेहद मुश्किल काम है क्योंकि, यहां संपूर्ण सुविधाओं से लैस फ्लैट कम कीमत में नहीं मिल पाता। एक दशक पहले तक दिल्ली विकास प्राधिकरण भी मांग के मुताबिक आशियाने नहीं बना पाया। नतीजतन, राजधानी में हजारों अनधिकृत कालोनियां विकसित हो गई। एक दशक से डीडीए ने फ्लैट आवंटित करने का सिलसिला शुरू किया। बड़ी संख्या में लोगों ने अपने सपनों का घर पा भी लिया, लेकिन सुविधाएं नहीं होने के कारण चार योजनाओं में करीब 40 फीसदी लोगों ने उनकी दहलीज तक नहीं लांघी। उन्होंने डीडीए को वह फ्लैट वापस कर दिए।
डीडीए के अधिकतर फ्लैट नई दिल्ली इलाके से काफी दूर हैं और उनकी स्थिति भी खराब हो चुकी है। इसलिए आवंटी ये फ्लैट लेने के लिए तैयार नहीं होते हैं। डीडीए के अधिकतर फ्लैट द्वारका, मंगलापुरी, बक्करवाला, रोहिणी, नरेला, सिरसपुर, जसोला, वसंत कुंज आदि स्थानों पर हैं। इनमें अधिकतर वह इलाके हैं, जो नई दिल्ली से काफी अधिक दूर हैं। इसके अलावा नरेला, बक्करवाला, सिरसपुर में वीरान जगह पर फ्लैट बने हुए हैं।
इन स्थानों पर न तो बस सेवा है और न ही बाजार। यहां रात में नहीं, दिन में भी वारदात होने की आशंका रहती है। लिहाजा, राजधानी निवासी और यहां नौकरी के लिए आने वाले लोग अनधिकृत कालोनियों में रहना पसंद करते हैं। उनकी इस रुचि की वजह से गत तीन दशक के दौरान राजधानी में करीब 2000 अनधिकृत कालोनी अस्तित्व में आ चुकी हैं। अब इन कालोनियों में डीडीए की आवासीय कालोनियों की तरह फ्लोर बनाने शुरू कर दिए गए हैं और ये फ्लोर हाथों हाथ बिक रहे हैं।
2014 में 40 फीसदी ने वापस किए
डीडीए ने वर्ष 2014 में लोगों का आवास उपलब्ध कराने के लिए करीब 25 हजार फ्लैट आवंटित करने की योजना जारी की थी। इसके तहत एक लाख से अधिक लोगों ने आवेदन किए, लेकिन ड्रॉ निकलने के करीब दो माह के अंदर करीब 40 फीसदी यानी 11 हजार लोगों ने फ्लैट लौटा दिए।
2017 में 6 हजार लोग पीछे हटे
डीडीए ने वर्ष 2017 में 13 हजार फ्लैट आवंटित करने का निर्णय लिया। यह अधिकतर फ्लैट नरेला, रोहिणी, सिरसपुर आदि इलाके में हैं। इन्हें लेने में 6 हजार आवंटियों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। क्योंकि, ये जर्जर होने के साथ काफी दूर हैं। वीरान इलाके में होने के कारण लोगों ने इन्हें लौटा दिया था।
4 हजार फ्लैट 2019 में नहीं लिए गए
डीडीए ने वर्ष 2019 की आवासीय योजना के तहत 8400 फ्लैटों का ड्रॉ निकाला था। फ्लैट मिलने के बाद करीब 4 हजार लोगों ने लौटा दिए। इन लोगों ने महज 20 दिन में फ्लैट वापस करने के लिए डीडीए के पास आवेदन कर दिया था।
इस साल भी लोगों ने नहीं दिखाई रुचि
डीडीए ने इस साल आवास योजना-2021 में 1354 फ्लैट शामिल किए थे, लेकिन सभी नहीं बिके। ये सभी फ्लैट लोगों को आवंटित कर दिए गए थे। इस योजना के तहत 694 लोगों ने वापस कर दिए। आवंटितियों को इस योजना में शामिल द्वारका सेक्टर-19 बी में बने एमआईजी फ्लैट भी पसंद नहीं आए।