दिल्ली : ट्रांसवुमन अक्सा शेख का दर्द, दूसरों को क्यों नहीं स्वीकारते लोग
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जीवित रहना और वर्जना तोड़ना मुश्किल है लेकिन मैंने यह किया। मेरी एकमात्र चिंता यह है कि 5 लाख ट्रांसजेंडर आबादी में से, मैं देश में एक कोविड टीकाकरण केंद्र का नेतृत्व करने वाला एकमात्र ट्रांसजेंडर व्यक्ति हूं? दूसरों को भी स्वीकार क्यों नहीं किया जा सकता।
Dr Aqsa Shaikh, who identifies herself as a transwoman, is an Associate Professor at Hamdard Institute of Medical Sciences, Delhi. "I take pride in my identity, I am a nodal officer at COVID vaccination centre & run an NGO. Despite challenges, I have achieved so much," she said pic.twitter.com/yMN6BQXWz7
— ANI (@ANI) September 5, 2021
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार अक्सा शेख अपनी पहचान एक ट्रांसवुमन के रूप में बताती हैं। वे हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, दिल्ली में एक एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उनका कहनाहै कि मुझे अपनी पहचान पर गर्व है, मैं कोविड टीकाकरण केंद्र में एक नोडल अधिकारी हूं और एक एनजीओ चलाती हूं। चुनौतियों के बावजूद, मैंने बहुत कुछ हासिल किया है।