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महामारी का दंश : दिल्ली में केस घटे मगर मृत्युदर में कमी नहीं, अभी अधिकतम स्तर पर
Sun, 06 Jun 2021 01:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 06 Jun 2021 01:52 AM IST
सार
- बीते सात दिन से औसतन 600 संक्रमित मिलने पर भी प्रतिदिन हो रही हैं 70 मौतें
- पिछले एक सप्ताह कि मृत्युदर 11 फीसदी, कुल दर 1.71 प्रतिशत
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कोरोना वैक्सीन
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
राजधानी में कोरोना के दैनिक मामले भले ही तेजी से कम हो रहे हैं, लेकिन संक्रमितों के मुकाबले मृतकों की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है। इससे दिल्ली में पिछले एक सप्ताह की मृत्युदर अभी तक के अधिकतम स्तर (11 फीसदी) पर पहुंच गई है। डॉक्टरों का कहना है कि अभी भी आईसीयू में करीब 1800 मरीज भर्ती हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर है। ऐसे में मौत के मामलों में कमी आने में कुछ दिन का समय और लग सकता है।
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दिल्ली में अप्रैल में प्रतिदिन औसतन 18 हजार मामले आने पर 186 लोगों की मौत हो रही थी। अब प्रतिदिन औसतन 600 मामले आने पर भी करीब 70 मौतें हो रही हैं। लिहाजा, संक्रमितों की संख्या कई गुना कम हो गई है, लेकिन मृतकों की संख्या में खास कमी नहीं आ रही है। एक सप्ताह के आंकड़ों पर गौर करें तो सात दिन में कोरोना के 4,217 मामले आए हैं, जबकि, 484 लोगों की मौत हुई है। यानी, एक सप्ताह कि मृत्युदर 11 फीसदी है, जो अभी तक अधिकतम है। हालांकि, कोरोना से कुल मृत्युदर अभी 1.72 प्रतिशत है।
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एम्स में कोरोना आईसीयू वार्ड की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉक्टर युद्धवीर सिंह बताते हैं कि देश में कोरोना की दूसरी लहर में पहले के मुकाबले कई गुना मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए। उन्होंने कहा कि इस समय जो मौत के मामले सामने आ रहे हैं, उनमें कई मरीज ऐसे भी हैं, जो एक या दो सप्ताह पहले भर्ती हुए थे, और अब उनकी मौत हो गई।
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डॉक्टर के मुताबिक, इस समय भी 1800 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं। इनमें से कई रोगियों की हालत गंभीर है। वेंटिलेटर सपोर्ट पर जाने के बाद 100 मे से 10 मरीजों की ही जान बच पा रही है। यही कारण है कि मौत के मामलों में कमी नहीं आ रही है। हालांकि, अब नए मरीज कम हो रहे है। ऐसे में आने वाले एक सप्ताह में मौतें भी कम होने लगेंगी।