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दिल्ली की अदालत ने कहा : बिना सहमति के यौन संबंध दुष्कर्म माना जाएगा
Thu, 18 Mar 2021 04:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 18 Mar 2021 04:48 AM IST
सार
- पूर्व में यौन संबंधों के आधार पर आरोपी राहत का हकदार नहीं
- होटल में मॉडल से दुष्कर्म के आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अदालत ने पांच सितारा होटल में मॉडल से दुष्कर्म के मामले में आरोपी मुंबई के व्यवसायी के 28 वर्षीय पुत्र वरुण हिरेमठ की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी के साथ पीड़िता के पहले यौन संबंधों के आधार पर दुष्कर्म के मामले में राहत प्रदान नहीं की जा सकती।
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पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय खनागवाल ने 12 मार्च को दिए फैसले में कहा कि किसी भी महिला से उसकी सहमति के बिना यौन संबंध दुष्कर्म माना जाएगा। इस मामले में सवाल है कि उसने सहमति दी या नहीं। महिला ने अदालत के समक्ष दिए बयानों में कहा है कि उसकी बिना सहमति से संबंध बनाए गए तो अदालत उसके बयानों को ही मानेगी न कि इस तथ्य को कि उनके बीच पहले भी यौन संबंध रहे हैं।
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अदालत ने कहा कि इस मामले में हालांकि बचाव पक्ष द्वारा पेश व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम चैट को अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष रूप से अस्वीकार नहीं किया गया है लेकिन उनका यह तर्क स्वीकार योग्य नहीं है कि उनके मुवक्किल और पीड़िता के बीच प्रेम संबंध चल रहे थे और वे यौन स्पष्ट वार्ताओं में लिप्त हो रहे हैं। अदालत ने कहा कि यदि दोनों के बीच पहले यौन संबंध रहे हैं तो भी भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत दुष्कर्म के मामले में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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उन्होंने कहा कि पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयानों में स्पष्ट रूप से कहा है कि उसके साथ आरोपी ने 20 फरवरी को चाणक्यपुरी के एक पांच सितारा होटल में दुष्कर्म किया था । अदालत ने कहा कि बिना महिला की सहमति के संबंध बनाना दुष्कर्म की श्रेणी में आता है भले ही उनके बीच पहले ऐसे संबंध रहे है। इस मामले में चाणक्य पुरी थाने में आरोपी के खिलाफ धारा 376, 342, 509 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल को फर्जी मामले में फंसाया गया है। वह पुणे से दिल्ली आई थी और उनके मुवक्किल से मिली। इसके बाद वे होटल गए व डब्ब्ल वेड का रुम लिया व होटल में अपने दस्तावेज दिए। इससे स्पष्ट है कि उसके यौन संबंध में रुची थी।
वहीं पीड़िता की और से पेश अधिवक्ता ने कहा कि उनकी मुवक्किला ने अपनी सहमति से यौन संबंध नहीं बनाए। उन्होंने कहा कि उनकी मुवक्किला लॉबी से जा रही थी और आरोपी मिला व उसे कमरे में ले गया व जबरन संबंध बनाए। इतना ही नहीं जब उसने भागने का प्रयास किया तो आरोपी ने चोट पंहुचाई।
जांच अधिकारी ने जमानत पर आपत्ति करते हुए कहा कि आरोपी से हिरासत में पूछताछ करनी जरूरी है।