फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi news: Plasma therapy will continue in capital

दिल्ली : चलती रहेगी प्लाज्मा थेरेपी, लेकिन तीमारदार या मरीज की अनुमति जरूरी

Thu, 20 May 2021 08:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा  अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
 अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 20 May 2021 08:06 AM IST
सार

  • प्रोटोकॉल से हटने के बाद भी दिल्ली में प्लाज्मा दे सकते हैं डॉक्टर
  • आईएलबीएस में सरकार की प्लाज्मा बैंक भी चलते रहेगी आगे

विज्ञापन
Delhi news: Plasma therapy will continue in capital
सांकेतिक तस्वीर... - फोटो : social media

विस्तार

कोरोना वायरस के उपचार प्रोटोकॉल से प्लाज्मा को हटा दिया है। बावजूद इसके दिल्ली में आगे भी यह थेरेपी जारी रहेगी। हालांकि इसके लिए डॉक्टर को तीमारदार या मरीज की अनुमति लेनी होगी। इतना ही नहीं आईएलबीएस अस्पताल में बना सरकार का प्लाज्मा बैंक भी जारी रहेगा। बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि प्लाजमा थेरेपी को कोरोना के इलाज की स्पेसिफिक थेरेपी नहीं कहा गया है। 

विज्ञापन


कोरोना का इलाज करने वाली जितनी भी दवाइयां चल रही हैं उनमें से कोई भी स्पेसिफिकली कोरोना का इलाज करने वाली दवाई नहीं है। ऐसी कोई दवाई नहीं है जिसके बारे में यह कहा जाए कि कोरोना इससे ठीक हो जाता है। जैसे कहते हैं कि बुखार उतारने के लिए पैरासिटामॉल की दवाई है। प्लाजमा थेरेपी विशेष तौर पर कोरोना का इलाज नहीं है, लेकिन डॉक्टर मरीज का इलाज करने पर इसकी मदद ले सकते हैं। यह डॉक्टर के ऊपर निर्भर करेगा कि प्लाज्मा थेरेपी की इलाज में मदद लेनी है या नहीं। 
विज्ञापन


दरअसल प्लाज्मा थेरेपी को लेकर अभी भी सरकारों पर काफी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। आईसीएमआर और एम्स ने मिलकर प्रोटोकॉल से प्लाज्मा थेरेपी को हटा लिया है लेकिन इससे अधिक उन्होंने और कोई जानकारी लिखित तौर पर नहीं दी है। पिछले वर्ष नवंबर माह में जब प्लाज्मा थेरेपी का परीक्षण परिणाम सामने आया था तब स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि प्लाज्मा से काफी लोग ठीक हो रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए यहां तक कहा था कि मैक्स साकेत में उन्होंने भी प्लाज्मा लिया था और वह स्वस्थ्य हैं। हालांकि चिकित्सीय वर्ग स्वास्थ्य मंत्री के इस दावे से सहमत नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार सबूत आधारित चिकित्सा थेरेपी को मान्यता मिलना ही उचित है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed