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दिल्ली में कोरोना टीकाकरण का एक माहः आधे से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी वैक्सीन से दूर
Wed, 17 Feb 2021 02:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 17 Feb 2021 02:25 AM IST
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टीकाकरण अभियान....
- फोटो : पीटीआई
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राजधानी में कोरोना टीकाकरण को एक महीना पूरा हो चुका है। बावजूद इसके अभी भी आधे से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी कोरोना टीका की पहली खुराक लेने से काफी दूर हैं। एक महीने में केवल 42 फीसदी कर्मचारियों ने ही अब तक कोरोना का टीका लगवाया है। इसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों ही क्षेत्र के स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हैं। अगर सरकारी अस्पतालों के आंकड़ें अलग देखें तो यहां टीकाकरण को रफ्तार देना बहुत जरूरी है।
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आंकड़ों के ही अनुसार दिल्ली में 2.70 लाख स्वास्थ्य कर्मचारी हैं लेकिन इनमें से 42.36 फीसदी ही अब तक कोरोना का टीका लगवा चुके हैं। एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज जैसे केंद्र सरकार के अस्पतालों में भी टीकाकरण की गति धीमी है। इसी के चलते दिल्ली उन 11 राज्यों में शामिल है जहां अब तक 50 फीसदी से भी कम स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका दिया गया है।
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हाल ही में केंद्र सरकार ने आगामी 20 से 25 फरवरी के बीच सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को पहली खुराक लगाने या पंजीयन कराने तक का समय भी दिया है। ऐसे में दिल्ली सरकार के आगे इतने कम वक्त में एक लाख से भी अधिक कर्मचारियों को टीका देने का लक्ष्य किसी चुनौती से कम भी नहीं।
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केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण का कहना है कि देश के ज्यादात्तर राज्यों में टीकाकरण का काफी अच्छा परिणाम देखने को मिल रहा है। दिल्ली में भी कुछ हिस्सों में परिणाम संतोषजनक हैं लेकिन एकसाथ पूरे राज्य की स्थिति अभी चिंता का विषय है। जिन छह राज्यों में सबसे कम स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगा है उस सूची में दिल्ली भी शामिल है। जबकि 50 फीसदी से कम लक्ष्य हासिल करने में यह 11 राज्यों में शामिल है। इन सभी राज्यों से बार बार टीकाकरण को बढ़ावा देने संबंधी सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के एक ही एक अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिन से टीकाकरण में तेजी आई है लेकिन इसके लिए फ्रंटलाइन वर्कर जिम्मेदार हैं। अकेले स्वास्थ्य कर्मचारियों की बात करें तो जमीनी स्तर पर समस्याएं दिख रही हैं जिन्हें दूर भी किया जा रहा है लेकिन फ्रंटलाइन वर्कर और स्वास्थ्य कर्मचारियों को मिलाकर देखें तो दिल्ली में पिछले माह जनवरी की तुलना में अब करीब दोगुना तेजी से कार्यक्रम आगे बढ़ा है।
दरअसल केंद्र सरकार ने दिल्ली सहित सभी राज्यों को 20 से 25 फरवरी तक स्वास्थ्य कर्मचारी और आगामी 6 मार्च तक पहला चरण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। योजना है कि मार्च माह में ही टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू हो जाएगा जिसके तहत 50 या उससे अधिक आयु के लोगों को टीका लगना शुरू हो जाएगा। फिर पहले चरण की दूसरी खुराक और दूसरे चरण की पहली खुराक का सिलसिला पूरे देश में एकसाथ चलता रहेगा। ऐसा करने से 30 करोड़ का तय लक्ष्य भी इसी साल के आखिर तक पूरा किया जा सकता है। अगर ऐसा नहीं होता है तो इस समूह को टीका देने में सरकार को कम से कम 24 से 30 माह लग सकते हैं।