अब दिल्ली में भीड़ वाली जगहों पर भी जल्द बुझाई जाएगी आग, दमकल विभाग ने की तैयारी
राजधानी की जनसंख्या तेजी से बढ़ने के साथ दमकल विभाग की चुनौतियां भी बढ़ती जा रही हैं। विभाग के पास रोज आने वाली कॉल्स में लगातार इजाफा हो रहा है। घनी आबादी और भीड़ वाले स्थानों पर समय से मदद पहुंचाना बड़ी चुनौती है। दिल्ली में संकरी गलियों में मदद पहुंचाना बड़ी चुनौती है। इसी के मद्देनजर दिल्ली का दमकल विभाग अपने संसाधनों में इजाफा भी कर रहा है।
इस कड़ी में दिल्ली फायर सर्विसेज ने अपने इंजीनियरों और एक निजी कंपनी की मदद से मिनी एरियल हाइड्रोलिक प्लेटफार्म का डिजाइन तैयार कराया है। पुराने हाइड्रोलिक प्लेटफार्म से ये गाड़ियां काफी छोटी हैं। इन्हें महज 20 फुट चौड़ी गली में भी ले जाया जा सकता है। आग या किसी आपदा के समय इनके इस्तेमाल से न सिर्फ कॉल रिस्पांस टाइम कम हुआ है, बल्कि 15 मीटर तक ऊंची इमारतों में सहायता जल्दी पहुंचाने में सहूलियत हुई है। इंसानों के साथ ये गाड़ियां पक्षियों को बचाने में भी मदद कर रही हैं। दमकल विभाग ने फिलहाल ऐसी चार गाड़ियों को तैयार कराया है। आगे इनकी संख्या बढ़ाने पर विचार चल रहा है।
दिल्ली फायर सर्विसेज के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि विभाग के पास पहले से 70 और 40 मीटर ऊंचाई तक काम करने वाली छह विदेशी गाड़ियां हैं। ये महंगी हैं और खराब होने की सूरत में इन्हें ठीक करने के लिए इंजीनियर भी विदेश से बुलाने पड़ते हैं। अक्सर कम ऊंचाई वाली इमारतों या पक्षियों को बचाने के लिए इन गाड़ियों को भेज दिया जाता था। इससे संसाधनों का गलत इस्तेमाल हो रहा था।
खराब होने की सूरत में इन महंगी गाड़ियों के ठीक होने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। इसी को ध्यान में रख दमकल विभाग के इंजीनियरों ने ऐसी छोटी गाड़ियों का डिजाइन तैयार कराया, जो भीड़ वाले स्थानों पर 15 मीटर ऊंचाई वाली इमारतों में काम कर सकें। सरकार से अनुमति लेकर ऐसी चार गाड़ियों को तैयार किया गया है।
पहले ऊंचाई पर काम करने वाली गाड़ियां फिनलैंड से करीब 10-10 करोड़ में मंगाई गई थीं। ये 40 से 70 मीटर ऊंचाई तक काम करती थीं। नई विकसित गाड़ियां को खासकर दिल्ली के लिए डिजाइन किया गया है। ये 20 फुट चौड़ी सड़क पर भी जाकर 15 मीटर ऊंचाई तक काम कर सकती हैं। विदेशी गाड़ियों के मुकाबले इनकी कीमत भी बेहद कम करीब 50 लाख रुपये है।
जिन इमारतों में दमकल कर्मी सीढ़ी लगाकर मदद पहुंचाते थे, वहां यह गाड़ी काम करती है। इसमें दो हजार लीटर का टैंक और एक पंप भी लगा हुआ है। फिलहाल इन गाड़ियों को कनॉट प्लेस, द्वारका, रोहिणी और ताहिरपुर में तैनात किया गया है।
विभाग के पास उपलब्ध संसाधन
- दमकल की लगभग 250 साधारण गाड़ियां
- 40 मीटर ऊंचाई तक काम करने वाली चार विदेशी गाड़ियां
- 70 मीटर ऊंचाई तक काम करने वाली दो विदेशी गाड़ियां
- चार नए मिनी एरियल हाइड्रोलिक प्लेटफार्म
- आग पर काबू पाने में मदद के लिए एक ड्रोन
विदेशों से आने वाली मशीनें
विभाग ने ऑस्ट्रिया को दो रोबोटिक आर्म का ऑर्डर दिया हुआ है। इसकी मदद से बिना इंसानी जान को जोखिम में डाले आग पर काबू पाने में मदद मिलेगी। दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना के कारण इसके आने में देरी हुई है।
विभाग ने ऑस्ट्रिया को ही दो रिमोट कंट्रोल फायर फाइटिंग मशीनों का भी ऑर्डर दिया है। रिमोट कंट्रोल से चलने वाली इन डिवाइस को आग वाली किसी भी साइट पर पानी लेकर अंदर भेजा जा सकता है। इनमें कैमरा भी लगा होगा। इन्हें रिमोट कंट्रोल की मदद से चलाया जा सकता है।
दिल्ली में रोज औसतन कॉल
- आग लगने की औसतन 70
- पक्षियों के फंसने की 10
भीड़ वाली जगहों पर आग की स्थिति में जल्दी मदद पहुंचाने में नए मिनी एरियल हाइड्रोलिक प्लेटफार्म बेहद मददगार होंगे। दमकल विभाग अपने संसाधनों को बढ़ाने के लगातार प्रयास कर रहा है। हमारा मकसद हर जान को बचाना है।
- अतुल गर्ग, निदेशक, दिल्ली फायर सर्विसेज