{"_id":"60aad77a8ebc3eef0b50611f","slug":"delhi-news-many-patients-saved-by-rohit-mishra-even-after-getting-infected","type":"story","status":"publish","title_hn":"#LadengeCoronaSe : खुद संक्रमित होकर भी बचाई कई मरीजों की जान, जज्बे का सलाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
#LadengeCoronaSe : खुद संक्रमित होकर भी बचाई कई मरीजों की जान, जज्बे का सलाम
Mon, 24 May 2021 04:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 24 May 2021 04:00 AM IST
सार
- जीटीबी नगर निवासी रोहित मिश्रा महामारी के दौर में बने देवदूत
- 35 रोगियों को अस्पतालों में कराया भर्ती
विज्ञापन
रोहित मिश्रा
- फोटो : amar ujala
विस्तार
राजधानी में कोरोना की चौथी लहर के दौरान लोगों ने ऐसा दौर देखा, जब हर कोई बेड और ऑक्सीजन के लिए अस्पतालों के चक्कर काट रहा था। संक्रमण काल में कुछ ऐसे लोग भी सामने आए, जिन्होंने मानवता का फर्ज निभाते हुए देवदूत बनकर लोगों की मदद की। ऐसी ही शख्सियस हैं मूल रूप से मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिला निवासी 24 वर्षीय रोहित मिश्रा। 12 साल से वे दिल्ली में हैं। रोहित फिलहाल जीटीबी नगर में रहते हैं। एक महीने में वे 35 से ज्यादा मरीजों को समय पर अस्पताल में भर्ती कराकर उनकी जान बचा चुके हैं। हालांकि इस दौरान वे खुद संक्रमित हो गए।
विज्ञापन
रोहित बताते हैं कि वे सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। पिछले महीने दिल्ली में कोरोना से हालात बिगड़े और परेशानी शुरू हुई तो उन्होंने सोचा कि वे लोगों की हर संभव मदद करेंगे। उन्होंने बताया कि काफी सालों से वे कई सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए हैं। इन संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों और अस्पतालों में अपने जानकार डॉक्टरों के माध्यम से उन्होंने एक माह में 35 से ज्यादा लोगों को दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया। उनमें कोई बुजुर्ग था, कोई युवा तो कोई दिव्यांग। वे खुद भी संक्रमित हो गए थे, लेकिन हार नहीं मानी और लोगों की सेवा में लगे रहे।
विज्ञापन
‘अमर उजाला’ ने उन लोगों से बातचीत की, जिनकी रोहित ने मदद की थी। मयूर विहार में रहने वाली प्रियंका ने बताया कि 23 अप्रैल की रात उनकी मां की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। कई अस्पतालों के चक्कर काटे, लेकिन बेड नहीं मिला। उन्होंने सोशल मीडिया पर मदद मांगी कुछ ही देर बाद रोहित का फोन आया। उन्होंने मां को संजय गांधी अस्पताल में आईसीयू बेड पर भर्ती कराया।
विज्ञापन
कुछ दिनों बाद वे स्वस्थ होकर घर लौट आईं। दिल्ली की ही समृद्धि ने बताया कि कुछ हफ्ते पहले उनकी दादी कोरोना से संक्रमित हो गई थीं। काफी कोशिश के बाद भी उन्हें किसी अस्पताल में बेड नहीं मिला था। ऐसे में रोहित की मदद से दादी को लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब वे बिल्कुल स्वस्थ हैं।
साकेत में रहने वाली सृष्टि तिवारी ने बताया कि उनका पूरा परिवार कोरोना से संक्रमित था। ऐसे में उन्होंने अपने मित्र रोहित को फोन किया। उन्होंने उनके परिजनों को अस्पताल में भर्ती कराया
और जरूरी दवाओं का इंतजाम किया।