किसान कर रहे हैं लंबे समय तक विरोध की तैयारी, खाप ने शुरू की लंगर सेवा
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नए कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार और किसान संगठनों पर जारी गतिरोध को देखते हुए सिंघु बॉर्डर पर सभी बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त की जा रही हैं। आंदोलनकारी किसानों ने लंबी दौड़ के लिए धरना स्थल पर सीसीटीवी कैमरे, एलईडी स्क्रीन लगा दी है। साथ ही, हिडन कैमरों से स्वयंसेवकों को लैस किया जा रहा है। आंदोलन स्थल पर इंटरनेट की कनेक्टिविटी कम होने के कारण ऑप्टिकल फाइबर भी बिछाने की तैैयारी की जा रही है।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी की गारंटी दिए जाने तक आंदोलन जारी रखने की बात दोहराई है। उन्होंने बताया कि आंदोलन स्थल पर 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और 600 वॉलंटियरों को हिडन कैमरे से लैस किया जाएगा। सिंघु बॉर्डर विरोध स्थल पर लॉजिस्टिक्स से जुड़े दीप खत्री ने कहा कि लंबे समय तक आंदोलन जारी रखने के लिए संचार समेत तमाम सुविधाओं को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। मंच के पीछे कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों के साथ डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर भी लगाए जाएंगे।
जुटा रहे हैं गर्मी का सामान
आंदोलन को लंबा खिंचता देख किसानों ने गर्मी के मद्देनजर भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में किसान संगठनों ने सीमा पर लगाने के लिए वाटर कूलर के साथ ही मच्छरदानी, प्लास्टिक की शीट औऱ गर्मी वाले तंबुओं का भी इंतजाम करना शुरू कर दिया है। अधिकतर सामान इस महीने के आखिर तक जुट जाने का अनुमान है।
भाषण को दूर तक सुनाने के लिए लगेंगी 10 एलईडी
स्वयंसेवक आंदोलन स्थल पर लगातार गश्त के अलावा यातायात प्रबंधन और रात के वक्त सभी गतिविधियों पर नजर रखेंगे। आसानी से स्वयंसेवकों की पहचान हो सके, इसलिए उन्हें जैकेट और पहचान पत्र भी दिए गए हैं। 700 -800 मीटर केे अंतराल पर 10 एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं, ताकि मंच से किसानों के भाषण को दूर से भी सुनना और देखना संभव हो सके। आपात स्थिति में एंबुलेंस के आने-जाने के लिए रास्ते को तैयार करने के साथ ट्रैफिक प्रबंधन का काम भी स्वयंसेवक करेंगे।
इंटरनेट के लिए बिछाई जाएंगी ऑप्टिकल फाइबर लाइन
इंटरनेट सेवा में बाधाओं को दूर करने के लिए वाईफाई की सुविधा के लिए अलग ऑप्टिकल फाइबर बिछाए जा रहे हैं। गर्मी के आगमन से पहले मुख्य मंच पर बिजली के पंखे और एयरकंडीशनर भी लगाए जा रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों के लिए पहले ही लंगर की सुविधा है।
आंदोलन होगा और मजबूत
आंदोलनकारियों का कहना है कि किसानों का आवागमन जारी है। यदि कुछ किसान खेती के लिए गांव जाते हैं तो सैकड़ों की संख्या में लौट आते हैं। किसान आंदोलन कमजोर नहीं हुआ है। बुधवार को भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा था कि आंदोलन लंबा खिंचेगा और आने वाले दिनों में पूरे देश में इसका विस्तार होगा। 26 नवंबर से किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
किसानों के लिए खाप ने शुरू की लंगर सेवा
गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में अब खाप भी लंगर सेवा में जुट गई हैं। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के सुल्तानपुर हटाना गांव की दांघड़ खाप के सदस्यों ने यहां लंगर लगाया। पूरे गांव के सहयोग से लंगर के लिए खाद्य सामग्री जुटाई गई।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि खापों के सहयोग से आंदोलन को नई ऊर्जा मिल रही है। 28 जनवरी के बाद से बॉर्डर पर खापों के प्रतिनिधिमंडल लगातार आवागमन कर रहे हैं। वह अपने साथ किसानों के लिए खाने का सामान व अन्य जरूरी चीजें भी लाते हैं। खाप के अलावा भी गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, गौतमबुद्घ नगर, बागपत, शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, संभल और मुरादाबाद आदि जिलों से आने वाले किसानों के सभी ट्रैक्टर रसद लेकर लगातार आंदोलन स्थल पर पहुंच रहे हैं।
नोटिस भेज रही पुलिस
गाजीपुर बॉर्डर आंदोलन समिति के प्रवक्ता और सदस्य जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि पुलिस किसानों को नोटिस भेजकर डराने का प्रयास कर रही है, लेकिन डरने वाले नहीं हैं। आंदोलन स्थल पर संख्या कम करने के लिए पुलिस ऐसा कर रही है। बाजवा ने कहा कि किसानों से संबंधित मुकदमों की पैरवी करने के लिए गाजीपुर बॉर्डर आंदोलन समिति की ओर से अधिवक्ताओं का पैनल बनाया जा रहा है। गाजीपुर किसान मोर्चा की ओर से जेल में बंद आंदोलनकारियों की जमानत भी कराई जाएगी।
संघर्षों में शामिल हो तो दिल्ली आ...
मंच से उत्तराखंड निवासी बल्ली सिंह चीमा ने गीत गाकर किसानों में आंदोलन जारी रखने के लिए जोश भरा। अपनी प्रस्तुति में चीमा ने देश के किसानों से आह्वान करते हुए कहा...‘सुंदर सपनों की आशाओं में शामिल हो तो दिल्ली आ, संघर्षों में शामिल हो तो दिल्ली आ...’
बुराड़ी हिंसा में एसआईटी ने तीन और दबोचे
26 जनवरी को बुराड़ी में हुई हिंसा के मामले में उत्तरी जिले की एसआईटी ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान गुर प्रकाश, राजेंद्र सिंह और गुरजीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल एक बाइक और मोबाइल बरामद किए हैं। इससे पूर्व एसआईटी आठ आरोपियों को दबोच चुकी है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक्टर रैली के दौरान कई इलाकों में हिंसा हुई थी। किसानों ने लालकिले की ओर कूच किया तो पुलिस ने बुराड़ी फ्लाईओवर के पास बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया था, जहां भीड़ उग्र हो गई। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस पर भी हमला किया था। इसमें अर्द्धसैनिक बल के असिस्टेंट कमांडेंट समेत 30 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इस संबंध में बुराड़ी थाने में बलवा और पुलिसकर्मियों पर हमला करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
जांच के लिए जिला पुलिस उपायुक्त ने तीन एसीपी समेत कई थानों के एसएचओ व अन्य स्टाफ की एक एसआईटी गठित की। जांच के दौरान वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुछ उपद्रवियों की पहचान कर ली गई। पुलिस ने सबसे पहले पुराने महावीर नगर से गुर प्रकाश को गिरफ्तार किया। इसके बाद गुरुनानक देव कालोनी, भलस्वा से राजेंद्र व गुरजीत सिंह को दबोच लिया। आरोपी इन इलाकों में ही परिवारों के साथ रहते हैं। एसआईटी की गिरफ्तारी के बाद अब अपराध शाखा इन लोगों से पूछताछ करेगी।