{"_id":"604eae0c8ebc3e59077723c5","slug":"delhi-news-electricity-users-may-be-shocked-by-new-rates","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली उपभोक्तओं को लग सकता है नई दरों से झटका, कंपनियों ने की बढ़ाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली उपभोक्तओं को लग सकता है नई दरों से झटका, कंपनियों ने की बढ़ाने की मांग
Mon, 15 Mar 2021 06:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 15 Mar 2021 06:15 AM IST
विज्ञापन
demo pic
- फोटो : पिक्साबे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली उपभोक्ताओं को झटका लग सकता है। बिजली वितरण कंपनियों ने घाटा पेश कर बिजली दर में बढ़ोतरी की मांग की है। बिजली वितरण कंपनियों ने दिल्ली विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव दिया है कि टैरिफ युक्तिकरण किया जाए क्योंकि पिछले दो साल से बिजली दर में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं हुई है।
विज्ञापन
दिल्ली विद्युत नियामक आयोग बिजली कंपनियों के दायर याचिका पर विचार करने के लिए आम लोगों से सुझाव भी मांगा है। आयोग ने 26 मार्च तक याचिकाओं पर उपभोक्ताओं और अन्य हितधारकों से टिप्पणियों और सुझावों की मांग की है। आयोग इसे लेकर सार्वजनिक सुनवाई कर सकता है और सभी हितधारकों के विचारों पर विचार करते हुए नया टैरिफ आदेश जारी करेगा।
विज्ञापन
बिजली वितरण करने वाली कंपनियों ने आमदनी और खर्च का पूरा ब्यौरा विद्युत नियामक के समझ रखा हे। याचिकाएं बताती हैं कि 2019-20 के लिए राजस्व का अंतर करीब 2968 करोड़ रुपये है, जिसमें बीआरपीएल का 1565 करोड़ रुपये, बीवाईपीएल का 609 करोड़ रुपये और टीपीडीडीएल का 794 करोड़ रुपये शामिल है। संचित राजस्व अंतर की बात करें मो 31 मार्च 2020 तक 50,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
विज्ञापन
बीएसईएस और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड ने अनुमानित राजस्व अंतर को पाटने केलिए प्रस्तावित किया है। दोनों बिजली वितरण कंपनी ने दिल्ली सरकार की सब्सिडी को सीधे उपभोक्ताओं को हस्तांतरित करने का भी प्रस्ताव किया है। बिजली के वाहन चार्जिंग स्टेशनों के लिए टैरिफ की मांग की है। टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने घरेलू श्रेणी में उच्च बिजली की खपत के लिए एक अलग फ्लैट दर का प्रस्ताव दिया है।
यह भी प्रस्ताव है कि 10 किलोवाट से अधिक के उपभोक्ता ऑनलाइन भुगतान करे। 5 किलोवाट से ऊपर लोड वालों के लिए कनेक्शन शुल्क बढ़ाया जाए। नए कनेक्शन और मौजूदा ग्राहकों के आवेदन के लिए आधार और पैन कार्ड को अनिवार्य बनाने का भी प्रस्ताव किया है।