{"_id":"6065004f90b59819b01c26c2","slug":"delhi-news-dusty-winds-will-haunt-capital-today-also","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजधानी में आज भी आफत बनेगी धूल भरी हवा, 38 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजधानी में आज भी आफत बनेगी धूल भरी हवा, 38 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान
Thu, 01 Apr 2021 04:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 01 Apr 2021 04:35 AM IST
सार
- 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रहेगी रफ्तार
- 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है तापमान
विज्ञापन
हवा ने किया परेशान...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी में लगातार दूसरे दिन भी राजस्थान की धूल भरी आंधी का दौर जारी रहा। इस वजह से दिनभर लोग परेशान नजर आए। मौसम विभाग का कहना है कि अप्रैल के पहले दिन भी 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलेगी। इसके बाद तापमान में इजाफा होना शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
प्रादेशिक मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से एक अधिक 34.6 और न्यूनतम सामान्य से दो अधिक 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में हवा में नमी का अधिकतम स्तर 53 व न्यूनतम 19 फीसदी दर्ज किया गया। दिल्ली का स्पोर्ट्स कांप्लेक्स इलाका 37 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री रहा।
विज्ञापन
इन दिनों राजस्थान के ऊपर चक्रवाती हवाओं का केंद्र बना हुआ है। तेज रफ्तार होने के कारण हवा अपने साथ धूल के कणों को लेकर दिल्ली पहुंच रही है। यही वजह है कि राजधानी में धूल भरी आंधी चल रही है। इसका असर खासतौर पर उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में देखने को मिल रहा है।
विज्ञापन
गत सोमवार को दिल्ली की गर्मी ने 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के साथ पिछले 76 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इस सप्ताह सूर्य देव एक बार फिर तल्ख तेवर दिखाने को तैयार हैं। अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
11 साल बाद 33.1 डिग्री तक चढ़ा मार्च का औसत तापमान
गर्मी के बढ़ते प्रकोप के बीच पिछले 11 वर्षों में मार्च का औसत तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यह सामान्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस अधिक है। इससे पहले वर्ष 2010 में औसत तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार कुल पांच पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों पर असर देखने को मिला है। इसमें से चार पश्चिमी विक्षोभ के कारण शुरुआती 15 दिनों में खासा असर रहा है। यही वजह रही कि इसके बाद 15 से 31 मार्च तक अधिकतम तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज हुई।
खराब श्रेणी में बनी रही हवा
दिल्ली-एनसीआर की हवा बुधवार को भी खराब श्रेणी में बनी रही। ग्रेटर नोएडा की हवा बदलाव के बाद बहुत खराब से खराब श्रेणी में पहुंची है। अगले तीन दिन तक हवा की स्थिति यही रहेगी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 203 दर्ज किया गया। गुरुग्राम की हवा 206 एक्यूआई के साथ सबसे साफ रही। वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, दिल्ली में इस समय प्रदूषण के लिए पीएम10 अधिक भागीदार बना हुआ है। यही वजह है कि प्रदूषण में कमी नहीं आ रही है।
हवा और वेंटिलेशन इंडेक्स का साथ देने की वजह से प्रदूषण में अधिक वृद्धि भी नहीं हो रही है। हालांकि, अगले तीन दिन तक वायु गुणवत्ता का असर खराब से बहुत खराब श्रेणी के बीच बना रहेगा। पिछले 24 घंटों में हवा में पीएम10 का स्तर 205 व पीएम2.5 का स्तर 62 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रहा।
शहर एक्यूआई
ग्रेटर नोएडा 267
गाजियाबाद 244
नोएडा 226
फरीदाबाद 219
गुरुग्राम 206
दिल्ली 203