कोरोना काल में गोलमाल : अग्निशामक को बनाया जा रहा था ऑक्सीजन सिलिंडर, तीन गिरफ्तार
- कोविड के दौरान इंसानियत को शर्मसार करने वाली वारदात
- फर्श बाजार और शाहदरा थाने की संयुक्त टीम ने अलीपुर में छापा मारकर भारी मात्रा में अग्निशामक सिलिंडर किए बरामद
विस्तार
कोविड महामारी के बीच कई लोग इंसानियत को शर्मसार करने में लगे हुए हैं। शाहदरा जिला पुलिस ने एक ऐसे गैंग को दबोचा है जो अग्निशामक सिलिंडर को ऑक्सीजन सिलिंडर में बदलकर बीमार लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के गोदाम पर छापा मारकर वहां से 532 अग्निशामक सिलिंडर, 26 ऑक्सीजन सिलिंडर नोजल, दो ग्राइंडर और भारी मात्रा में पेंट बरामद किया है। पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की पहचान अलीपुर निवासी रवि शर्मा (40), मोहम्मद अब्दुल (38) और शंभू शाह (30) के रूप में हुई है। आरोपी एक्सपायर हुए अग्निशामक सिलिंडर कबाड़ में खरीदकर उनका लाल पेंट उतारकर उस पर ऑक्सीजन सिलिंडर की तरह दिखने वाला पेंट कर रहे थे। ऐसे दर्जनों सिलिंडर आरोपी बेचकर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ भी कर चुके हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. साथियासुंदरम ने बताया कि फर्श बाजार के विश्वास नगर में रहने वाले मुकेश ने मंगलवार को पुलिस से शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह एक एनजीओ चलाता है। उसकी एनजीओ मुफ्त ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराने का काम करती है। वह अलीपुर की अपनी कालोनी के एक डिस्ट्रिब्यूटर से ऑक्सीजन सिलिंडर 5500 में खरीद रहा था। अब डिस्ट्रिब्यूटर उसी सिलिंडर के 13 हजार रुपये मांग रहा है।
पूछने पर वह सरकार को टैक्स देने की बात कर रहा है। अपने स्तर पर जांच करने पर यह दावे गलत मिले हैं। पुलिस ने फौरन एक टीम बनाकर मामले की जांच शुरू कर दी। मंगलवार को ही फर्श बाजार और शाहदरा थाने की एक संयुक्त टीम अलीपुर की अपनी कालोनी स्थित वर्षा फायर इंजीनियरिंग के गोदाम पर छापा मारा। वहां का सीन देखते ही पुलिस के होश उड़ गए।
अंदर रवि, अब्दुल और शंभू अग्निशामक सिलिंडर का लाल पेंट उतारकर उस पर सिल्वर पेंट रहे थे। इन कार्बन डाइऑक्साइड के सिलिंडर पर आरोपी ऑक्सीजन सिलिंडर के नोजल लगाकर उनको ऑक्सीजन सिलिंडर में बदल रहे थे। पुलिस ने आरोपियों को काबू किया। इनके पास से बरामद 532 सिलिंडर में 73 पर यह पेंट कर चुके थे।
आरोपियों ने बताया कि कोविड के समय में ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी होने पर यह अग्निशामक सिलिंडर पर पेंट कर उनको बदलकर लोगों को धोखा दे रहे थे। इन सिलिंडर से बजाए लोगों के जीवन बचाने के उल्टा उनकी जान को खतरा बन गया होगा। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की है। आरोपयिं से पूछताछ मामले की जांच की जा रही है।
ओवरचार्ज करने के मामले में दो एंबुलेंस चालक गिरफ्तार...
दिल्ली पुलिस की सख्ती के बाद भी एंबुजेंस चालक मरीज के परिजनों से अधिक किराया वसूलने से बाज नहीं आ रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग जगहों से दो एंबुलेंस चालक को गिरफ्तार किया है। पहले मामले में दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने जैतपुर से चिराग गोयल (42) को गिरफ्तार किया है। वहीं उत्तर-पश्चिम जिले के भारत नगर थाना पुलिस ने एंबुलेंस चालक सूरज (31) को गिरफ्तार किया है। आरोपी मरीजों को अस्पताल शिफ्ट करने के नाम पर कई-कई गुना ज्यादा रकम मांग रहे थे। पुलिस ने दोनों की एंबुलेंस भी जब्त कर ली है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि मंगलवार को जैतपुर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक एंबुलेंस चालक ओवर चार्जिंग कर रहा है। दीपक पांडेय नामक युवक ने पुलिस की टीम को बताया कि उनको जैतपुर से अपने मरीज को एम्स शिफ्ट करना है। यहां से अस्पताल की दूरी करीब 20 किलो मीटर से होगी। आरोपी एंबुलेंस चालक इसके बदले दस हजार रुपये मांग रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम ने आरोपी चिराग गोयल को दबोच लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
भारत नगर मामले में पुलिस की टीम को दीचंद बंधु अस्पताल से एंबुलेंस चालक की मनमानी की सूचना मिली। पुलिस की टीम वहां पहुंची। वहां एक परिवार मिला। पीड़ित परिवार ने बताया कि उनको मरीज को दीपचंद बंधु अस्पताल से फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करवाना है। दोनों अस्पतालों की दूरी महज पांच किलोमीटर है। एंबुलेंस चालक मरीज को शिफ्ट करने के बदले छह हजार रुपये मांग रहा है। जानकारी जुटाने के बाद पुलिस की टीम ने आरोपी सूरज को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह मजबूरी का फायदा उठाकर लोगों से ज्यादा रुपये वसूलने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।