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100 फीसदी छूट का पहला दिन: दिल्ली मेट्रो में 17.5 लाख यात्रियों ने किया सफर, नियमों के उल्लंघन पर 159 पर जुर्माना
Mon, 26 Jul 2021 11:30 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 26 Jul 2021 11:30 PM IST
सार
सोमवार को सभी सीटों पर बैठने की इजाजत के साथ मेट्रो सेवाएं शुरू होने के बाद रात आठ बजे तक करीब 17.5 लाख यात्रियों ने मेट्रो में यात्रा की। खड़े होकर सफर करने की इजाजत न होने के बावजूद दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की गई।
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मेट्रो स्टेशन में प्रवेश करते यात्री
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेट्रो-बसों में सौ फीसदी सीटों पर सफर की इजाजत मिलने के बाद भी बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशनों के बाहर सोमवार को यात्रियों की भीड़ रही। सुबह के वक्त कुछ स्टेशनों पर मेट्रो सेवाएं करीब सात बजे 15-20 मिनट तक प्रभावित रही।
वहीं, 50 फीसदी क्षमता के सात जून से मेट्रो सेवा की शुरूआत हुई थी। इसके बाद से अब तक रविवार तक करीब 16 लाख यात्रियों ने मेट्रो में सफर किया। सोमवार को सभी सीटों पर बैठने की इजाजत के साथ मेट्रो सेवाएं शुरू होने के बाद रात आठ बजे तक करीब 17.5 लाख यात्रियों ने मेट्रो में यात्रा की।
खड़े होकर सफर करने की इजाजत न होने के बावजूद दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की गई। नियमों का उल्लंघन करने पर 159 यात्रियों पर जुर्माना किया गया, जबकि इस दौरान 432 यात्रियों को मेट्रो से उतारा गया।
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दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(डीएमआरसी) की टीम की तरफ से कार्रवाई के तहत औसतन रोजाना 285 यात्रियों पर कार्रवाई की जा रही है। सोमवार को डीएमआरसी की नौ टीमें यात्रियों पर निगरानी रख रही थी। इस दौरान 470 यात्रियों को समझाया गया कि महामारी काल के दौरान नियमों का पालन कितना जरूरी है।
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वहीं, 50 फीसदी क्षमता के सात जून से मेट्रो सेवा की शुरूआत हुई थी। इसके बाद से अब तक रविवार तक करीब 16 लाख यात्रियों ने मेट्रो में सफर किया। सोमवार को सभी सीटों पर बैठने की इजाजत के साथ मेट्रो सेवाएं शुरू होने के बाद रात आठ बजे तक करीब 17.5 लाख यात्रियों ने मेट्रो में यात्रा की।
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खड़े होकर सफर करने की इजाजत न होने के बावजूद दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की गई। नियमों का उल्लंघन करने पर 159 यात्रियों पर जुर्माना किया गया, जबकि इस दौरान 432 यात्रियों को मेट्रो से उतारा गया।
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दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(डीएमआरसी) की टीम की तरफ से कार्रवाई के तहत औसतन रोजाना 285 यात्रियों पर कार्रवाई की जा रही है। सोमवार को डीएमआरसी की नौ टीमें यात्रियों पर निगरानी रख रही थी। इस दौरान 470 यात्रियों को समझाया गया कि महामारी काल के दौरान नियमों का पालन कितना जरूरी है।
छूट के बाद भी एक सीट छोड़कर यात्रियों ने किया सफर
करीब सवा साल तक महामारी काल में न्यू नॉर्मल के आदी हो चुके कुछ यात्रियों ने सीट होने पर भी एक दूसरे के नजदीक बैठने के बजाय खड़े होकर सफर किया। बसों में भी छूट के बावजूद सुबह के वक्त भीड़ सामान्य रही। यात्रियों के मुताबिक मेट्रो में भले ही सभी सीटों पर बैठने की इजाजत दे दी गई है, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए खुद को और अधिक सतर्क रहना होगा। अगर, एक के बाद एक सीट पर यात्री बैठेंगे तो सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो सकता है। ऐसे में संक्रमण का खतरा कम कैसे हो सकता है।
छूट के बाद भी एक सीट छोड़कर यात्रियों ने किया सफर
करीब सवा साल तक महामारी काल में न्यू नॉर्मल के आदी हो चुके कुछ यात्रियों ने सीट होने पर भी एक दूसरे के नजदीक बैठने के बजाय खड़े होकर सफर किया। बसों में भी छूट के बावजूद सुबह के वक्त भीड़ सामान्य रही। यात्रियों के मुताबिक मेट्रो में भले ही सभी सीटों पर बैठने की इजाजत दे दी गई है, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए खुद को और अधिक सतर्क रहना होगा। अगर, एक के बाद एक सीट पर यात्री बैठेंगे तो सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो सकता है। ऐसे में संक्रमण का खतरा कम कैसे हो सकता है।
करीब सवा साल तक महामारी काल में न्यू नॉर्मल के आदी हो चुके कुछ यात्रियों ने सीट होने पर भी एक दूसरे के नजदीक बैठने के बजाय खड़े होकर सफर किया। बसों में भी छूट के बावजूद सुबह के वक्त भीड़ सामान्य रही। यात्रियों के मुताबिक मेट्रो में भले ही सभी सीटों पर बैठने की इजाजत दे दी गई है, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए खुद को और अधिक सतर्क रहना होगा। अगर, एक के बाद एक सीट पर यात्री बैठेंगे तो सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो सकता है। ऐसे में संक्रमण का खतरा कम कैसे हो सकता है।
छूट के बाद भी एक सीट छोड़कर यात्रियों ने किया सफर
करीब सवा साल तक महामारी काल में न्यू नॉर्मल के आदी हो चुके कुछ यात्रियों ने सीट होने पर भी एक दूसरे के नजदीक बैठने के बजाय खड़े होकर सफर किया। बसों में भी छूट के बावजूद सुबह के वक्त भीड़ सामान्य रही। यात्रियों के मुताबिक मेट्रो में भले ही सभी सीटों पर बैठने की इजाजत दे दी गई है, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए खुद को और अधिक सतर्क रहना होगा। अगर, एक के बाद एक सीट पर यात्री बैठेंगे तो सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो सकता है। ऐसे में संक्रमण का खतरा कम कैसे हो सकता है।