दिल्ली: केजरीवाल सरकार ने हाईकोर्ट से कहा- लोकायुक्त नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही
केजरीवाल सरकार ने यह जवाब चुनावी घोषणा पत्र में किए वादे के अनुसार उसे एक महीने के अंदर लोकायुक्त नियुक्त करने का निर्देश देने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है। याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने कोर्ट से आप सरकार को एक महीने के अंदर लोकायुक्त नियुक्त करने का निर्देश देने की मांग की है।
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केजरीवाल सरकार ने यह जवाब चुनावी घोषणा पत्र में किए वादे के अनुसार केजरीवाल सरकार को एक महीने के अंदर लोकायुक्त नियुक्त करने का निर्देश देने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है। दिल्ली सरकार की ओर से पेश वकील का जवाब सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और जस्टिस ज्योति सिंह ने मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को तय की है।
दिसंबर 2020 से रिक्त है लोकायुक्त का पद
याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा है कि यह पार्टी ऐतिहासिक और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद अस्तित्व में आई थी लेकिन लोकायुक्त का पद दिसंबर 2020 से रिक्त है। दिल्ली सरकार के वकील संतोष कुमार त्रिपाठी ने कहा कि इस संबंध में बैठक हुई है और नियुक्ति के लिए एक नाम की अनुशंसा की गई है। आगे भी प्रक्रिया चल रही है।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार रिश्वत, काला धन, बेनामी संपत्ति, कर चोरी, सट्टेबाजी और आर्थिक व सफेदपोश अपराधों को खत्म करने के लिए कदम नहीं उठा रही है और इसीलिए मौलिक अधिकारों का संरक्षक होने के नाते कोर्ट को लोकायुक्त की नियुक्ति के मामले में दखल देना होगा।
उन्होंने दावा किया, 'जस्टिस रेवा खेत्रपाल के दिल्ली लोकायुक्त के पद से रिटायर होने के बाद से दिल्ली सरकार ने अभी तक उस पद को भरने के लिए कुछ नहीं किया है और भ्रष्टाचार से संबंधित सैकड़ों शिकायतें लंबित हैं।' सुप्रीम कोर्ट में वकील और याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा, 'आप की सरकार ऐतिहासिक भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद बनी थी लेकिन यह पार्टी लोकायुक्त को नियुक्त नहीं कर रही है, जिससे राज्य कई मोर्चों पर खराब प्रदर्शन कर रहा है।'