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जहां वायरस से जंग में एक जुट है दिल्ली, तो वहीं जनप्रतिनिधि नदारद
Thu, 09 Apr 2020 10:13 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 09 Apr 2020 10:13 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
पूरी दिल्ली जहां कोरोना वायरस से जंग में एकजुटता दिखा रही है तो वहीं जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र से ही नदारद हैं। सांसद फंड से तो प्रधानमंत्री राहत कोष में सहायता करने का ऐलान करते हैं, लेकिन अपने क्षेत्र की जनता की सुध लेने तक की जहमत नहीं उठा रहे। वहीं, सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहे हैं।
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उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के सांसद हंसराज हंस की बात करें तो वह दिल्ली से नदारद हैं। यह संसदीय क्षेत्र आरक्षित क्षेत्र है। नरेला, बवाना विधानसभा में बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूर रहते हैं तो मंगोलपुरी, सुल्तानपुरी और किराड़ी की झुग्गियों और जेजे क्लस्टर में दिहाड़ी रोजगार वाले लाखों लोग हैं।
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ऐसे में इलाके के लोग भी सवाल उठा रहे है कि जब जनप्रतिनिधि ही क्षेत्र से गायब हैं तो फिर लोग पलायन क्यों न करें। हालांकि बुधवार को एक बयान जारी कर हंसराज हंस ने यह जरूर कहा कि वीडियो कॉल के माध्यम से कार्यकर्ताओं से प्रतिदिन जुड़ता हूं और क्षेत्र की जनता का हालचाल लेता हूं।
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साथ ही कहा, मेरे संसदीय क्षेत्र के लाखों लोगों की जिम्मेदारी मेरी है, कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा। एक विधानसभा के लिए नहीं सोचता बल्कि 10 विधानसभाओं के लिए सोचता हूं। क्षेत्रीय कार्यालय से रोजाना लोगों के घरों तक राशन भेजा जा रहा है।