दिल्ली हाईकोर्ट: दो महिला जजों ने ली शपथ, कुल संख्या 35 हुई
कानून एवं न्याय मंत्रालय ने पिछले सप्ताह दिल्ली हाईकोर्ट में नए जजों की नियुक्ति पर अधिसूचना जारी की थी। मंत्रालय ने फरवरी में भी दिल्ली हाईकोर्ट में चार जजों को नियुक्त किया था।
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दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को दो नई जजों ने पद की शपथ ग्रहण की। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी ने पूनम ए बांबा और स्वर्ण कांत शर्मा को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश की शपथ दिलाई। इसके साथ ही दिल्ली में कुल जजों की संख्या 35 जबकि महिला जजों की संख्या नौ हो गई है। दिल्ली में जजों के लिए अधिकतम स्वीकृत संख्या 60 है।
कानून एवं न्याय मंत्रालय ने पिछले सप्ताह दिल्ली हाईकोर्ट में नए जजों की नियुक्ति पर अधिसूचना जारी की थी। मंत्रालय ने फरवरी में भी दिल्ली हाईकोर्ट में चार जजों को नियुक्त किया था। पूनम ए बांबा साकेत जिला अदालत की न्यायाधीश थीं।
पूनम इससे पहले दिल्ली जिला अदालतों और हाईकोर्ट्स में 1983-1987 के बीच पांच सालों तक वकालत कर चुकी हैं व पंजाब नेशनल बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में लॉ ऑफिसर या डिप्टी चीफ ऑफिसर (लॉ) के तौर पर काम किया। स्वर्ण कांत शर्मा दिल्ली की रोहिणी कोर्ट की जज थीं। उन्होंने 1991 में विधि से स्नातक किया था और 24 साल की काफी कम आयु में मजिस्ट्रेट बन गई थीं। वे 35 वर्ष की आयु में सत्र न्यायाधीश बन गई थीं।
सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने एक फरवरी 2022 को हुई बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट में छह नए जजों को शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।