फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi High Court said that the wife has the right to say no to her husband if she has a relationship without desire

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा : बगैर इच्छा संबंध बनाने पर पत्नी को पति से ना कहने का अधिकार

Wed, 12 Jan 2022 04:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 12 Jan 2022 04:54 AM IST
सार

उच्च न्यायालय ने कहा कि तर्क यह है कि एक रिश्ते को अलग-अलग आधार पर नहीं रखा जा सकता क्योंकि एक महिला हमेशा एक महिला रहती हैं। अदालत ने आगे की दलीलें सुनने के लिए मामले को बुधवार के लिए सूचीबद्ध किया है।

विज्ञापन
Delhi High Court said that the wife has the right to say no to her husband if she has a relationship without desire
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को आश्चर्य जताते हुए कहा कि विवाहित और अविवाहित महिलाओं की गरिमा में कैसे अंतर किया जा सकता है। वैवाहिक स्थिति चाहे कुछ भी हो, प्रत्येक महिला को बगैर सहमति संबंध बनाने पर पति को नहीं कहने का अधिकार है। उच्च न्यायालय ने कहा कि तर्क यह है कि एक रिश्ते को अलग-अलग आधार पर नहीं रखा जा सकता क्योंकि एक महिला हमेशा एक महिला रहती हैं। अदालत ने आगे की दलीलें सुनने के लिए मामले को बुधवार के लिए सूचीबद्ध किया है।

विज्ञापन


पीठ, गैर सरकारी संगठनों आरआईटी फाउंडेशन, अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ, एक पुरुष और एक महिला द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दुष्कर्म कानून के तहत पतियों को दिए गए अपवाद को खत्म करने की मांग की गई थी।  विवाह के बाद दुष्कर्म को अपराध की श्रेणी रखने की मांग वाली याचिकाओं की सुनवाई करते हुए पीठ ने यह भी पूछा कि सिर्फ इसलिए कि महिला शादीशुदा है, क्या वह नहीं कहने का अधिकार खो देती हैं। 
विज्ञापन


न्यायमूर्ति राजीव शकधर और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 375 के तहत पतियों को दिए गए अभियोजन के अपवाद ने दीवार खड़ी कर दी है। यह केवल संकीर्ण पहलू है जिस पर हमें गौर करना है। पति खुद को पत्नी पर थोपता है तो पत्नी तलाक के लिए जा सकती है। इतना पर्याप्त नहीं है। यह अविवाहित महिला से इतना अलग क्यों है। क्या 50 देशों (जिन्होंने विवाह के बाद दुष्कर्म को अपराध बना दिया है) ने इसे गलत माना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पीठ ने दिल्ली सरकार के इस तर्क की सराहना नहीं की कि एक विवाहित महिला के पास व्यक्तिगत कानूनों के तहत क्रूरता के आधार पर तलाक का विकल्प है। वह अपने पति के खिलाफ आईपीसी की धारा 498 ए (विवाहित महिला के साथ क्रूरता) के तहत आपराधिक मामला भी दर्ज करा सकती है। सरकारी वकील ने कहा कि अदालत अपवाद को खत्म करने के निष्कर्ष पर आती है, तो इसे एक नया अपराध बनाना होगा। न्यायमूर्ति शंकर ने कहा कि अदालत इसे असंविधानिक समझता है तो अपवाद या वैधानिक प्रावधान को रद्द करने की शक्ति है।

सरकारी वकील का तर्क
सरकारी वकील नंदिता राव ने कहा कि धारा 375 का अपवाद निजता, गरिमा या शादी के पहले या बाद यौन क्रिया से इंकार करने के अधिकार का उल्लंघन नहीं करता है। यह किसी महिला की मजबूरी नहीं है और इसके लिए प्रावधान भी है। भारतीय दंड संहिता की धारा के अपवाद में एक पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ यौन संबंध बनाने से दुष्कर्म के अपराध से छूट मिलती है, बशर्ते पत्नी की आयु 15 वर्ष से अधिक हो। कानून के तहत पतियों को दी गई छूट को खत्म करने की याचिकाओं का विरोध करते हुए दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को यह साबित करना होगा कि यह छूट एक पत्नी को पति के साथ रहने के लिए मजबूर करती है या उसकी गरिमा का उल्लंघन करती है।


अदालत ने  दिया जवाब
न्यायमूर्ति शकधर ने कहा, कम से कम मुझे यह समझना मुश्किल है कि चूंकि उनके पास अन्य उपाय हैं, इसलिए यह अनुच्छेद 21 का उल्लंघन नहीं है। कल्पना करें कि एक महिला अपने मासिक धर्म चक्र पर है और उसने संबंध स्थापित करने से इंकार कर दिया, लेकिन पति मजबूर करता है और उसके साथ क्रूरता करता है। क्या यह अपराध नहीं है। राव ने जवाब दिया यह एक अपराध है, लेकिन दुष्कर्म कानून के तहत नहीं। हम इससे जुड़े सभी पहलुओं का परीक्षण कर रहे हैं। पीठ ने कहा कि जब तक यौन क्रिया दोनों पक्षों की खुशी से की जाती हैं, तब तक यह अपराध नहीं है। विवाह का आधार दो पक्षों के बीच खुशी का रिश्ता होता है। राज्य उन्हें यह निर्देश नहीं दे सकता कि ऐसा कर सकते हैं या नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed