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दिल्ली : हाईकोर्ट ने कहा- जहरीली हवा के कारण दिल्ली में जीवित रहना मुश्किल, बचाव के लिए कारगर तंत्र जरूरी
Fri, 06 Oct 2023 05:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 06 Oct 2023 05:12 AM IST
सार
हालांकि अदालत ने जिला पार्क में दशहरा मनाने की अनुमति देते हुए कहा कि दशहरा जैसी सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
विस्तार
उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जहरीली हवा के कारण दिल्ली में जीवित रहना मुश्किल है। हालांकि अदालत ने जिला पार्क में दशहरा मनाने की अनुमति देते हुए कहा कि दशहरा जैसी सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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कोर्ट ने कहा कि हमारा दम घुट रहा है यह दिल्ली के नागरिकों का रोना है, जहां पिछले कुछ वर्षों में हवा की गुणवत्ता इतने जहरीले स्तर तक पहुंच गई है कि जीवित रहना मुश्किल हो गया है। अदालत ने कहा कि दिल्ली के निवासी सांसों के लिए हांफ रहे हैं, जिससे यह न केवल सरकारी एजेंसियों का कर्तव्य बनता है, बल्कि शहर को बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति के ठोस प्रयास की भी आवश्यकता है और प्रत्येक को 'प्रकृति के रक्षकों' की सक्रिय ब्रिगेड बनना चाहिए। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार और न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने जनकपुरी की श्री रामलीला समिति को 30 अक्तूबर तक जिला पार्क में दशहरा मनाने की अनुमति देते हुए यह टिप्पणी की।
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कोर्ट ने कहा कि चिंता व्यक्त की गई है कि जिला पार्कों में ऐसे सामाजिक-सांस्कृतिक धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन से पर्यावरण प्रदूषित होता है, यातायात जाम होता है और पेड़ों को भी गंभीर नुकसान होता है। हालांकि अदालत ने साथ ही कहा कि लेकिन इन सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व को नजरअंदाज़ नहीं किया जा सकता। वास्तव में चिंता का विषय इन गतिविधियों पर प्रतिबंध नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए तंत्र पर काम करना है कि कार्यक्रम पर्यावरण को कोई नुकसान पहुंचाए बिना विनियमित तरीके से आयोजित किए जाएं।
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