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Delhi : हाईकोर्ट ने पूछा- टेलीग्राम एप सात दिन में बताए कॉपीराइट कानून तोड़ने वालों के नाम-पते

Thu, 01 Sep 2022 05:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 01 Sep 2022 05:47 AM IST
सार

Delhi : इनके मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस सहित जानकारियां सीलबंद लिफाफे में देने को कहा गया है। टेलीग्राम निजता का अधिकार व बोलने की आजादी की आड़ में यह जानकारियां नहीं देना चाहता था। हाईकोर्ट ने कहा, इनका उपयोग कानून तोड़ने वालों को बचाने के लिए नहीं हो सकता।

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Delhi : High Court asked Telegram app should tell the names and addresses of copyright law breakers in seven d
delhi high court - फोटो : ANI

विस्तार

मोबाइल मैसेजिंग एप टेलीग्राम को दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि वह सात दिन में उन सभी एप यूजर्स, चैनलों व ऑपरेटरों के नाम सौंपे, जो कॉपीराइट कानून तोड़ रहे हैं। इनके मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस सहित जानकारियां सीलबंद लिफाफे में देने को कहा गया है। टेलीग्राम निजता का अधिकार व बोलने की आजादी की आड़ में यह जानकारियां नहीं देना चाहता था। हाईकोर्ट ने कहा, इनका उपयोग कानून तोड़ने वालों को बचाने के लिए नहीं हो सकता।

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मामले में विभिन्न कोचिंग संस्थानों का टेलीग्राम पर आरोप था कि उसके एप से संस्थानों की अध्ययन सामग्री शेयर हो रही है, जो कॉपीराइट का उल्लंघन है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा, कौन लोग कॉपीराइट उल्लंघन कर रहे हैं, यह सामने लाए बिना पीड़ितों को राहत नहीं मिलेगी। साथ ही कहा, बोलने की आजादी व निजता के अधिकार मौजूदा मामले के तथ्यों व हालात में अप्रासंगिक हैं। कानूनी उल्लंघनकर्ता या कोई भी नागरिक अपने गैर-कानूनों कामों के परिणाम भुगतने से बचने के लिए इनका सहारा नहीं ले सकता। ब्यूरो
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नई पहल को नुकसान होगा
हाईकोर्ट ने कहा, चैनल चलाने वाले ऑपरेटरों की पहचान जरूरी है, वरना क्लाउड कंप्यूटिंग और देशों की सीमाओं से परे डाटा स्टोरेज के दौर में एजूकेटर्स की नई पहल को बड़ा नुकसान होगा।
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निजता के अधिकार और बोलने की आजादी की आड़ में कानून तोड़ने वाले बचाए नहीं जा सकते।
-हाईकोर्ट

बाकी तर्क भी नकारे
तर्क :
टेलीग्राम ने कहा, आईटी एक्ट में उसे इंटरमीडियरी का दर्जा है। किसी पोस्ट या सूचना को सबसे पहले भेजने वाले यूजर्स की पहचान जाहिर न करने के लिए वह बाध्य है।

हाईकोर्ट : आईटी कानून भी कॉपीराइट कानून व इससे जुड़े अधिकारों के संदर्भ में हैं। आईटी नियम टेलीग्राम को कॉपीराइट अधिकारों के संरक्षण के कर्तव्य से छूट नहीं देते।
तर्क : इन चैनल व यूजर्स पर कार्रवाई की गई है।
हाईकोर्ट : यह संतोषजनक नहीं है, नाकाफी है। चैनल तो बड़ी आसानी से एक के बाद एक कई बनाए जा सकते हैं।
तर्क : सर्वर सिंगापुर में हैं।
हाईकोर्ट : तो क्या इससे कॉपीराइट रखने वालों की कोई मदद नहीं हो सकती? क्या कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई नहीं होगी?

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