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राहत: क्या कोरोना की दूसरी लहर ने छोड़ा दिल्ली का पीछा? स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दी यह जानकारी
Tue, 11 May 2021 03:36 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 11 May 2021 03:36 PM IST
सार
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में लहर बहुत ज्यादा है, लेकिन अप्रैल के आखिर से इसकी पीक धीरे-धीरे नीचे आ रही है। लॉकडाउन के कारण लोग बाहर नहीं आ रहे हैं, जबकि पहले ज्यादा लोग बाहर निकल रहे थे।
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सत्येंद्र जैन
- फोटो : एएनआई
विस्तार
देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के कहर से थोड़ी राहत मिली है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मंगलवार को मीडिया से कहा कि ऐसा लग रहा है कि दूसरी लहर की पीक अब धीरे धीरे कम हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली की पॉजिटिविटी दर 36 प्रतिशत से घटकर 19 प्रतिशत के करीब आ गई है।
पहले रोजाना अधिकतम 28,000 के करीब मामले गए थे अब ये कम होकर 12,500 के पास आ गए हैं। जब तक हम पांच फीसदी से नीचे की सकारात्मक दर और 3000-4000 से तक नहीं ले जाते, तब तक हम इसे हल्के में नहीं ले सकते हैं।
वहीं स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि रविवार को भी 66,000 टेस्ट हुए थे। प्रतिदिन करीब 80,000 टेस्ट हो रहे हैं। दिल्ली में कोरोना के 23,000 के करीब बेड हैं जिसमें 3,500 के करीब बेड खाली हैं।
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जैने ने कहा कि दिल्ली में लहर बहुत ज्यादा है, लेकिन अप्रैल के आखिर से इसकी पीक धीरे-धीरे नीचे आ रही है। लॉकडाउन के कारण लोग बाहर नहीं आ रहे हैं, जबकि पहले ज्यादा लोग बाहर निकल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन और बेड की मांग में भी कमी दर्ज की गई है। हमारे पास लगभग 23,000 बेड्स हैं, जिनमें से 20,000 भरे हुए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ऑक्सीजन की आपूर्ति जारी रहनी चाहिए, नहीं तो यह समस्या बढ़ जाएगी। अब हमें 700 मीट्रिक टन से कम ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है।
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पहले रोजाना अधिकतम 28,000 के करीब मामले गए थे अब ये कम होकर 12,500 के पास आ गए हैं। जब तक हम पांच फीसदी से नीचे की सकारात्मक दर और 3000-4000 से तक नहीं ले जाते, तब तक हम इसे हल्के में नहीं ले सकते हैं।
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वहीं स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि रविवार को भी 66,000 टेस्ट हुए थे। प्रतिदिन करीब 80,000 टेस्ट हो रहे हैं। दिल्ली में कोरोना के 23,000 के करीब बेड हैं जिसमें 3,500 के करीब बेड खाली हैं।
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जैने ने कहा कि दिल्ली में लहर बहुत ज्यादा है, लेकिन अप्रैल के आखिर से इसकी पीक धीरे-धीरे नीचे आ रही है। लॉकडाउन के कारण लोग बाहर नहीं आ रहे हैं, जबकि पहले ज्यादा लोग बाहर निकल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन और बेड की मांग में भी कमी दर्ज की गई है। हमारे पास लगभग 23,000 बेड्स हैं, जिनमें से 20,000 भरे हुए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ऑक्सीजन की आपूर्ति जारी रहनी चाहिए, नहीं तो यह समस्या बढ़ जाएगी। अब हमें 700 मीट्रिक टन से कम ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है।
In the last few days, positivity rate has declined from 36% to 19.1% with the caseload also going down from 28,000 per day to about 12,500. Till we reach positivity rate at below 5% and caseload below 3000-4000 cases, we can't be at ease: Satyendar Jain, Delhi Health Minister pic.twitter.com/zFBQwxgr22
— ANI (@ANI) May 11, 2021
वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कोरोना के केस अब कम हो रहे हैं, आप सबके सहयोग से लॉकडाउन सफल रहा। हमने पिछले दिनों में ऑक्सीजन के बहुत बेड बढ़ाए हैं। अब दिल्ली में ICU और ऑक्सीजन बेड की कमी नहीं है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि हम वैक्सीन की रोज़ सवा लाख डोज़ लगा रहे हैं, हम जल्दी रोज 3 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाना शुरू कर देंगे। हमारा लक्ष्य आने वाले तीन महीने में सभी दिल्ली वालों को वैक्सीन लगाना है लेकिन वैक्सीन की कमी की समस्या आ रही है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में हमारे पास अब कुछ दिन की वैक्सीन बची है और ये समस्या देशव्यापी है। आज केवल दो कंपनियां वैक्सीन बना रही हैं और दोनों मिलकर महीने में केवल 6-7 करोड़ वैक्सीन बनाती हैं। इस तरह तो देश के हर व्यक्ति को वैक्सीन लगाने में हमें दो साल से ज़्यादा लग जाएंगे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब तक हर भारतीय को वैक्सीन नहीं लगती ये जंग नहीं जीती जा सकती। मैं आज एक सुझाव देना चाहता हूं। वैक्सीन बनाने का काम केवल दो कंपनियां ना करें, कई कंपनियों को वैक्सीन बनाने में लगाया जाए।
केंद्र सरकार इन दोनों कंपनियों से वैक्सीन बनाने का फॉर्मूला लेकर उन सभी कंपनियों को दे जो सुरक्षित तरीके से वैक्सीन बना सकती हैं। वैक्सीन का उत्पादन करने वाली कंपनियों के लाभ का एक अंश रॉयल्टी के रूप में उन दोनों कंपनियों को दे सकते हैं जिन्होंने मूल फॉर्मूले की खोज की।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि हम वैक्सीन की रोज़ सवा लाख डोज़ लगा रहे हैं, हम जल्दी रोज 3 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाना शुरू कर देंगे। हमारा लक्ष्य आने वाले तीन महीने में सभी दिल्ली वालों को वैक्सीन लगाना है लेकिन वैक्सीन की कमी की समस्या आ रही है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में हमारे पास अब कुछ दिन की वैक्सीन बची है और ये समस्या देशव्यापी है। आज केवल दो कंपनियां वैक्सीन बना रही हैं और दोनों मिलकर महीने में केवल 6-7 करोड़ वैक्सीन बनाती हैं। इस तरह तो देश के हर व्यक्ति को वैक्सीन लगाने में हमें दो साल से ज़्यादा लग जाएंगे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब तक हर भारतीय को वैक्सीन नहीं लगती ये जंग नहीं जीती जा सकती। मैं आज एक सुझाव देना चाहता हूं। वैक्सीन बनाने का काम केवल दो कंपनियां ना करें, कई कंपनियों को वैक्सीन बनाने में लगाया जाए।
केंद्र सरकार इन दोनों कंपनियों से वैक्सीन बनाने का फॉर्मूला लेकर उन सभी कंपनियों को दे जो सुरक्षित तरीके से वैक्सीन बना सकती हैं। वैक्सीन का उत्पादन करने वाली कंपनियों के लाभ का एक अंश रॉयल्टी के रूप में उन दोनों कंपनियों को दे सकते हैं जिन्होंने मूल फॉर्मूले की खोज की।