Delhi News : राजधानी में ग्रैप लागू, पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध, 15 सूत्रीय शीतकालीन कार्ययोजना की घोषणा
Delhi : प्रदूषण नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 15 सूत्रीय शीतकालीन कार्ययोजना की घोषणा कर दी है। इसके तहत धूल विरोधी अभियान, पटाखों पर प्रतिबंध, ग्रीन वार रूम, सड़कों की सफाई व पानी का छिड़काव और प्रदूषण की 24 घंटे निगरानी समेत कई कदम उठाए जाएंगे।
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प्रदूषण नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 15 सूत्रीय शीतकालीन कार्ययोजना की घोषणा कर दी है। इसके तहत धूल विरोधी अभियान, पटाखों पर प्रतिबंध, ग्रीन वार रूम, सड़कों की सफाई व पानी का छिड़काव और प्रदूषण की 24 घंटे निगरानी समेत कई कदम उठाए जाएंगे। पटाखों पर रोक की निगरानी के लिए 210 टीमें लगाई गई हैं। पटाखों की ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक है।
केजरीवाल ने कहा, पराली गलाने के लिए निशुल्क बायो डिकंपोजर घोल का छिड़काव किया जाएगा। तीन अक्तूबर से शुरू ग्रीन वार रूम में विशेषज्ञ प्रदूषण का आकलन कर रणनीति बनाएंगे। छह अक्तूबर से धूलरोधी अभियान शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने कहा, पांच हजार वर्ग मीटर से अधिक की निर्माण साइट पर एंटी स्मॉग गन अनिवार्य है। दिल्ली में 233 एंटी स्मॉग गन लगाए जा रहे हैं। 80 रोड स्वीपिंग व 521 पानी छिड़काव मशीनें तैनात होंगी।
586 टीमें करेंगी निगरानी
केजरीवाल ने कहा, इस बार पांच हजार एकड़ में छिड़काव होगा। बड़ी निर्माण साइट का दिल्ली सरकार के वेब पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। 586 टीमें हर निर्माण साइट की निगरानी करेंगी। 150 मोबाइल एंटी स्मॉग गन लगाई जाएगी।
प्रदूषण प्रमाणपत्र पर सख्ती
केजरीवाल ने कहा, सर्दी में प्रदूषण प्रमाणपत्र की सख्ती से जांच होगी। 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन सड़क पर न उतरने देने के लिए 380 टीमें हैं। 203 सड़कों पर भीड़ घटाने के लिए वैकल्पिक रूट बनाए हैं।
- खुले में कूड़ा जलाने से रोकने के लिए 611 टीमें बनाई हैं। प्रदूषणकारी ईंधन का उपयोग करने वाले उद्योगों पर कार्रवाई के लिए 33 टीमें गठित की हैं।
प्रदूषण की हर समय निगरानी पूर्वानुमान भी होगा जारी
सरकार ने आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर अध्ययन किया है कि इस समय दिल्ली में कितना प्रदूषण है और प्रदूषण की वजह क्या है। इसके लिए राउज एवेन्यू रोड पर एक सुपर साइट बनाई गई है। एक मोबाइल वैन है, जिस पर कई उपकरण लगाए गए हैं। केजरीवाल का कहना है कि उम्मीद है कि 20 अक्तूबर से पहली बार कुछ डाटा आना शुरू हो जाएगा। इन उपकरणों से यह भी पता चलेगा कि हवा में कहां-कहां से क्या-क्या प्रदूषण है। आईआईटी कानपुर के द्वारा प्रदूषण का पूर्वानुमान भी जारी होगा।
केजरीवाल के मुताबिक, पर्यावरण मित्र के लिए 3500 वालंटियर ने पंजीकरण किया है। ये वालंटियर दिल्लीवालों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करेंगे। पर्यावरण मित्र बनने के लिए मोबाइल नंबर 8448441758 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं।
42 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य : सरकार ने हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए 42 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था। पहले चरण में 33 लाख पौधे लग गए हैं। अभी नौ लाख पौधे लगाने शेष हैं, जिसे 15 अक्तूबर से दूसरे चरण में लगाया जाएगा। उधर, प्रदूषण की 24 घंटे निगरानी के लिए ग्रीन वॉर रूम और बेहतर तरीके से बनाया जा रहा है।
ई-वेस्ट पार्क
ई-वेस्ट कूड़े से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए होलंबी कलां में 20 एकड़ का ई-वेस्ट पार्क बनाया जा रहा है। इसकी स्थापना के बाद दिल्ली से निकलने वाला सारा इलेक्ट्रॉनिक कचरा ई-वेस्ट पार्क में जाएगा जहां इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा।